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कौटिल्य दर्शन-दोस्त और दुश्मन दो प्रकार के होते हैं (kautilya darshan-dost aur dushman)

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: सहज कार्यजश्वव द्विविधः शत्रु सच्यते। सहज स्वकुलोत्पन्न कार्यजः स्मृतः। हिंदी में भावार्थ-शत्रु दो प … more →

Tags: abhivyakti, adhyatm, alekh, arebic, अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप

कौटिल्य का अर्थशास्त्र-कार्य के होते हैं तीन व्यसन (kautilya ka arthshastra in hindi)

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: वस्तुध्वशक्येषु समुद्यनश्चेच्छक्येषु मोहादसमुद्यश्मश्च। शक्येषु कालेन समुद्यनश्व त्रिघैव कार्यव्यसनं … more →

Tags: adhyatm, alekh, Anubhuti, arebic, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, मस्तराम

पत्थर का बोझ-हास्य व्यंग्य कवितायेँ

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: प्रस्तर की इमारतों को दिखाकर वह उसका इतिहास बताते हैं सुनने वाले निहारते हुए स्वयं भी पत्थर हो जाते … more →

Tags: inglish, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, भारत, हिंदी साहित्य, साहित्य, media, Internet, Friends

उनको चैन नहीं आता -हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: जब तक लगे न कहीं आग उनको चैन नहीं आता बुझाने के ठेकेदारों को ज्यादा देर इंतजार नहीं करना होता आदमी अ … more →

Tags: शब्द, इंटरनेट, Sher, Shayri, Urdu, दीपक भारतदीप, हिन्दी, Hindi shayri, समाज

थप्पड़ मारकर सलाम तो किया-तीन क्षणिकायें

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: कुत्ता कहा तो क्या इनाम तो दिया आखिर गोरों ने दिया गुलाम की तरह व्यवहार किया तो क्या थप्पड़ मारकर सल … more →

Tags: hasya -vyangya, Kavita, hasya kavita, Shayri, hasya vyang, vyangya, writer, hindi article, Hindi writing

आदमी ख़ुद ही खिलौना बन जाता -हिंदी व्यंग्य शायरी

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: जब तक लगे न कहीं आग उनको चैन नहीं आता बुझाने के ठेकेदारों को ज्यादा देर इंतजार नहीं करना होता आदमी अ … more →

Tags: inglish, कविता, bharat, India, web dunia, web bhaskar, web navabharat, अभिव्यक्ति, अनुभूति

बाज़ार में बिकती है दवा और अमृत-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: सादगी से कही बात किसी को समझ में नहीं आती है इसलिए शायद कुछ लोग श्रृंगार रस की चाशनी में डुबो कर सुन … more →

Tags: चिंतन, Internet, Anubhuti, सन्देश, शायरी, शब्द, साहित्य, दीपक भारतदीप, arebic

कितना गहरा खोदेंगे हम?

anileklavya wrote 9 months ago: (लेख – अरुंधती रॉय) अभी हाल ही में एक युवा कश्मीरी मित्र से मेरी बात हो रही थी कश्मीर में जीवन … more →

Tags: Arundhati Roy, अनुवाद, अरुंधती रॉय, इतिहास, भारत, लेख, साहित्य, hindi, History

अगर इतिहास को रचनात्मक होना है

anileklavya wrote 9 months ago: (लेख – हावर्ड ज़िन – 09 दिसंबर, 2006) यह निबंध हावर्ड ज़िन की सिटी लाइट्स द्वारा प्रकाशि … more →

Tags: अनुवाद, इतिहास, रचनात्मक, साहित्य, हावर्ड ज़िन, Creative, History, Howard Zinn, Literature

बम, पलटाव और भविष्य

anileklavya wrote 10 months ago: (लेख – तारिक़ अली) पिछले तीन सप्ताह से पाकिस्तान के सैनिक शासक तालिबान को इस बात के लिए मनाने … more →

Tags: Afghanistan, अनुवाद, अफ़ग़ानिस्तान, तारिक़ अली, पाकिस्तान, फ़ुटबॉल, लेख, Pakistan, Soccer

आधुनिक भारत

anileklavya wrote 10 months ago: (लेख – पी. साईनाथ – 03 अप्रैल, 2006) किसानों द्वारा आत्महत्याओं की संख्या इस हफ़्ते 400 … more →

Tags: translation, Literature, hindi, अनुवाद, साहित्य, हिन्दी, p sainath, modern, India

इस तरह सताते भविष्य के सपने-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अतीत के गुजरे पल ही दिमाग को इस तरह सताते कि भविष्य के सपने सामने चले आते साथ चलता तो है बस आज का सच … more →

Tags: Blogroll, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine, Deepak bharatdeep, साहित्य, web panjab kesri

हास्य व्यंग्य-अपना अपना राग-hasya vyangya3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: देश के बुद्धिजीवियों के लिये इस समय कुछ न कुछ लिखने के लिये ऐसा आ ही जाता है जिसमें उनको संकुचित ज्ञ … more →

Tags: Blogroll, writing, हिन्दी, inglish, साहित्य, हिंदी साहित्य, edcation, bharat, web duniya

ब्रहमाण्ड का रहस्य जानने का प्रयास नाकाम तो होना ही था-व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: महामशीन के रूप में चर्चित महादानवीय मशीन का प्रयोग अब रुक गया है। अगर आज के सभ्य समाज में महिमा मंडि … more →

Tags: hindi, चिन्तन, व्यंग्य, bharat, Friends, web dunia, web bhaskar, web navabharat, hindi sahitya

medicainfo.com published their viewer's articles1 comment

amitblogger wrote 1 year ago: ↑ Grab this Headline Animator Yesterday 20-Aug-2008, medicainfo has published 2 articles by its … more →

Tags: health, Medical, HIV, transmission of HIV, Medical Sites, medicainfo, Health Information

समाज की इमारत में आदमी पत्थर की तरह लग जाते-कविता साहित्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हर पल लोगों के सामने अपना कद बढाने की कोशिश हर बार समाज में सम्मान पाने की कोशिश आदमी को बांधे रहती … more →

Tags: हिन्दी, चिंतन, अध्यात्म, अभिव्यक्ति, alekh, abhivyakti, Internet, bharat, India

श्रमिक पुत्र कभी अभिनेता नहीं बनता-हास्य कविता-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज मजदूर दिवस है आओ सब मिलकर नारे लगायें जो गरीबों और मजदूरों को भायें जन कल्याण और न्याय के लिये जो … more →

Tags: हिन्दी, चिंतन, hindi, jagran, abhivyakti, Internet, Kavita, Friends, Anubhuti

भृतहरि शतकःमनुष्य इच्छा और आशा के कारण नाचता है

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: खलालापाः सोढा कथमपि तदाराश्र्चनपरैर्निगुह्मान्तर्वाष्पं हस्तिमपि शून्येन मनसा कृतश्चियत्तस्तम्भः प्र … more →

Tags: आलेख, jagran, alekh, abhivyakti, editoriyal, Internet, Friends, Anubhuti, hindu

संत कबीर वाणी:टोना-टोटका सब झूठ है1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जंत्र मंत्र झूठ है, मति भरमो जग कोय सार शब्द जानै बिना, कागा हंस न होय संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते ह … more →

Tags: अध्यात्म, alekh, adhyatm, editoriyal, Internet, Kabir, dharm, dohe, hindu


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