सादगी से कही बात किसी को समझ में नहीं आती है इसलिए शायद कुछ लोग श्रृंगार रस की चाशनी में डुबो कर सुनाते हैं अलंकारों में सजाते हैं तो कुछ वीभत्स के विष से डराते हैं आदमी में विषय के लिए जिज्ञासा जगात… more →
** दीपक भारतदीप की अमृत संदेश-पत्रिका** Mastram Deepak Bharatdeep's Hindi express patrikaदीपक भारतदीप wrote 2 months ago: प्रस्तर की इमारतों को दिखाकर वह उसका इतिहास बताते हैं सुनने वाले निहारते हुए स्वयं भी पत्थर हो जाते … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: जब तक लगे न कहीं आग उनको चैन नहीं आता बुझाने के ठेकेदारों को ज्यादा देर इंतजार नहीं करना होता आदमी … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: कुत्ता कहा तो क्या इनाम तो दिया आखिर गोरों ने दिया गुलाम की तरह व्यवहार किया तो क्या थप्पड़ मारकर सल … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: जब तक लगे न कहीं आग उनको चैन नहीं आता बुझाने के ठेकेदारों को ज्यादा देर इंतजार नहीं करना होता आदमी अ … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: सादगी से कही बात किसी को समझ में नहीं आती है इसलिए शायद कुछ लोग श्रृंगार रस की चाशनी में डुबो कर सुन … more →
anileklavya wrote 4 months ago: (लेख – अरुंधती रॉय) अभी हाल ही में एक युवा कश्मीरी मित्र से मेरी बात हो रही थी कश्मीर में जीवन … more →
anileklavya wrote 5 months ago: (लेख – हावर्ड ज़िन – 09 दिसंबर, 2006) यह निबंध हावर्ड ज़िन की सिटी लाइट्स द्वारा प्रकाशि … more →
anileklavya wrote 5 months ago: (लेख – तारिक़ अली) पिछले तीन सप्ताह से पाकिस्तान के सैनिक शासक तालिबान को इस बात के लिए मनाने … more →
anileklavya wrote 5 months ago: (लेख – पी. साईनाथ – 03 अप्रैल, 2006) किसानों द्वारा आत्महत्याओं की संख्या इस हफ़्ते 400 … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: अतीत के गुजरे पल ही दिमाग को इस तरह सताते कि भविष्य के सपने सामने चले आते साथ चलता तो है बस आज का सच … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: देश के बुद्धिजीवियों के लिये इस समय कुछ न कुछ लिखने के लिये ऐसा आ ही जाता है जिसमें उनको संकुचित ज्ञ … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: महामशीन के रूप में चर्चित महादानवीय मशीन का प्रयोग अब रुक गया है। अगर आज के सभ्य समाज में महिमा मंडि … more →
amitblogger wrote 10 months ago: ↑ Grab this Headline Animator Yesterday 20-Aug-2008, medicainfo has published 2 articles by it … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: हर पल लोगों के सामने अपना कद बढाने की कोशिश हर बार समाज में सम्मान पाने की कोशिश आदमी को बांधे रहती … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: आज मजदूर दिवस है आओ सब मिलकर नारे लगायें जो गरीबों और मजदूरों को भायें जन कल्याण और न्याय के लिये ज … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: खलालापाः सोढा कथमपि तदाराश्र्चनपरैर्निगुह्मान्तर्वाष्पं हस्तिमपि शून्येन मनसा कृतश्चियत्तस्तम्भः प्र … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जंत्र मंत्र झूठ है, मति भरमो जग कोय सार शब्द जानै बिना, कागा हंस न होय संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हम घर से बाहर निकल कर जैसे सायकल से सड़क पर आये तो एक सज्जन मिल गये और हमसे बोले-‘कहां जा रहे हो।’ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: I have some lessons to the Blog English translation in Hindi to read them. It is also written by In … more →