क्यों फिक्र गिरने की जब बादलों को छूने का हौसला है तुम में , बस निडर बनो और बढ़ चलो नहीं होते परवाज़ सभी के पास, लग जायेंगे पंख पैरों में , उड़ने की चाह लेकर बस उड़ चलो | मंजिल की फिक्र किस बात की ज… more →
बावरा मनRakesh wrote 7 months ago: क्यों फिक्र गिरने की जब बादलों को छूने का हौसला है तुम में , बस निडर बनो और बढ़ चलो नहीं होते परवाज़ … more →