जो इश्क़ की आग भड़क उठी है जैसे मैं शोलों में जल रहा हूँ तेरे बदन की कशिश का है जादू देखकर तुझ को मचल रहा हूँ मुझे है ख़ाहिशो-तमन्ना1 तेरी मैं उम्मीद को मसल रहा हूँ एक यह ख़ाब मैं देखता हूँ कि तेरी मरम… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 8 months ago: वह मुस्कुराया और रूठा भी वह सच्चा है और झूठा भी दूर था तो क़रीब था दिल के उसकी बात से दिल टूटा भी इक … more →
realmanindia wrote 11 months ago: The worst thing you can tell a woman TELLING a woman “I like you” is one of the WORST th … more →
aspundir wrote 1 year ago: सर्व-जन-आकर्षण-मन्त्र १॰ “ॐ नमो आदि-रुपाय अमुकस्य आकर्षणं कुरु कुरु स्वाहा।” विधि- १ लाख … more →
विनय wrote 1 year ago: तेरी जो ख़ाहिश करता हूँ क्या कोई गुनाह करता हूँ चाहे जो भी समझ ले तू मैं तुझसे प्यार करता हूँ यह उम् … more →
विनय wrote 1 year ago: शीतल जल में चंदन घुला हो ऐसी थी काया काले-काले बादलों से घनी थी ज़ुल्फ़ों की छाया क्यों जचने लगी यह बे … more →
विनय wrote 1 year ago: साहिबा, साहिबा, साहिबा तेरी अदाओं पर मैं फ़िदा साहिबा, साहिबा, साहिबा तू मेरे प्यार की सुबह तुझको ढूँ … more →
विनय wrote 1 year ago: चाँद गवाह है मेरे प्यार का क्या यही ख़्याल है, मेरे यार का कुछ न ख़बर हुई उस पल की कुछ न पता चला उस … more →
विनय wrote 1 year ago: पहली बार देखा तुमको जाने क्या हुआ दिल की धड़कनों का हल्का-हल्का एहसास हुआ डूब गया मैं तेरी आँखों में … more →
विनय wrote 1 year ago: अम्बर में जब चाँद खिला उस पल से चला जानाँ एक नया सिलसिला मुहब्बत भरी वादियों में इक नया गुल खिला तुम … more →
विनय wrote 1 year ago: My Love, Love is an eternal feeling. For you my affection is an eternity. You are an offish because … more →
विनय wrote 1 year ago: कुछ-कुछ होता है सनम जब-जब तुमसे मिलते हैं कैसे कहें हम सनम तुमसे मोहब्बत करते हैं… दिल डरता है … more →
विनय wrote 1 year ago: यार तू ज़िन्दगी, यार मैं ज़िन्दगी यार तू ज़िन्दगी, यार मैं ज़िन्दगी हर पल तुमको मैंने प्यार किया हर लम्ह … more →
विनय wrote 1 year ago: धीरे-धीरे उतरती है साँस सीने में यह दर्द बड़ा बेदर्द है सीने में लुत्फ़ जीने क सब ख़त्म हो गया … more →
विनय wrote 1 year ago: वह चाँद से तेरी बातें करना याद आया तेरे लिए सरे-बाम खड़ा होना याद आया गो आज फिर भीग गये पलकों के किन … more →
विनय wrote 1 year ago: जबीने-माह पर गेसू की लहर याद आती है वह गुलाबी ख़ुशरंग शामो-सहर याद आती है जिसने हमें ज़िन्दगी का दीवा … more →
विनय wrote 2 years ago: नामालूम वह दिन मैंने जन्नत में गुज़ारे या जहन्नुम में मगर बीते हुए दिन मुझे आज भी ढ़ूँढते हैं वह ताने … more →