ऐ खुदा रेत के सेहरा को समंदर कर दे, यह छलकती हुयी आखो को भी पत्थर कर दे, तुझ को देखा नही, महसूस किया है मैंने, आ किसी दिन मेरे अहसास को पय्कर कर दे, और कुछ डर मुझे, डरकर नही है लकिन, मेरी चादर मेरे प… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: ऐ खुदा रेत के सेहरा को समंदर कर दे, यह छलकती हुयी आखो को भी पत्थर कर दे, तुझ को देखा नही, महसूस किया … more →