ऐसी कशीश है तुझमें ,खिची चली आती हूँ साथ मेरे मन की तरंगे, तुमसे बाटने लाती हूँ | तुमसे मेरा रिश्ता है , मेरे बचपन सा सुहाना तेरे रंगरूप से मोहित मैं,सुनती हूँ तेरा तराना | फ़िज़ाओं का रंग बदले,… more →
mehhekk wrote 1 year ago: ऐसी कशीश है तुझमें ,खिची चली आती हूँ साथ मेरे मन की तरंगे, तुमसे बाटने लाती हूँ | तुमसे मेरा र … more →
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