जीवन का कुछ पता नहीं चलता कि यह किस करवट सोयेगा और कैसी अंगड़ाई लेकर जागेगा। लोगों को बात का पता भी न चलता यदि उस दिन कार्यालय में सभी ने खुद अपनी आँखों देखा न होता और अपने कानों सुना न होता। ऐसा होना… more →
स्वार्थwrote 2 years ago: जीवन का कुछ पता नहीं चलता कि यह किस करवट सोयेगा और कैसी अंगड़ाई लेकर जागेगा। लोगों को बात का पता भी न … more →