mehhekk wrote 1 year ago: पहली बूँद आज इस वक़्त गर्मी से अलसाया मौसम भीग रहा है | बरसात की बूँदों ने अपना गीत छेड़ दिया | छन … more →
mehhekk wrote 1 year ago: अपने आप में खोई,अकेली ही खड़ी थी | न जाने किस सोच में डूबी थी | लंबे घने गेसुओं को उसकी ,बहती हवा … more →
mehhekk wrote 1 year ago: पहला प्यार जब भी देखूं तुम्हारी आँखों में याद आते हैं वो गुजरे गुलाबी लम्हें पहला प्यार जो हमार … more →
mehhekk wrote 1 year ago: मेघा बरसो रे आज मौसम बदल रहा है ,एक नया अंदाज़ लाया बहती फ़िज़ायो संग रसिया का संदेसा आया आसमान पर ब … more →
mehhekk wrote 1 year ago: सोलहवा सावन रिमझिम खनकती बूँदे , जब आंगन में आती है उन भीगे लम्हो को , संग अपने लाती है | बचपन की ला … more →