उमस भरी दोपहरी में गर्मी की चादर ओढ़े धूप टहल रही थी वो बादल का टुकड़ा आया झाक के देखा उसने, आँखों के सूखे मोती दौड़ा भागा , कुछ आवाज़ लगाई लू से भारी हवा ठंडक बन लहराई छाव का शामियाना धरा पर सज़ा हज़… more →
mehekmehhekk wrote 3 days ago: उमस भरी दोपहरी में गर्मी की चादर ओढ़े धूप टहल रही थी वो बादल का टुकड़ा आया झाक के देखा उसने, आँखों क … more →
pryas wrote 11 months ago: कल ऑफिस के काम से बाहर जाना था. गार्ड को बोला की ड्राईवर को गाडी निकालने के लिये कह दे. कोई दो बजे ख … more →
mehhekk wrote 1 year ago: पहली बूँद आज इस वक़्त गर्मी से अलसाया मौसम भीग रहा है | बरसात की बूँदों ने अपना गीत छेड़ दिया | छन … more →
mehhekk wrote 1 year ago: मेघा बरसो रे आज मौसम बदल रहा है ,एक नया अंदाज़ लाया बहती फ़िज़ायो संग रसिया का संदेसा आया आसमान पर ब … more →