नन्हे से दीपक में सजाई बाती रौशनी चारों तरफ,निखरी हुई ज्योति हर पल तप तप कर तुम हो जाना प्रखर दीप तुम जलते रहना यूही निरंतर | अंधेरी गलियों में जो हम भटक जाए तेरे उजियारे से मन की प्रज्वलित हो आश… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: नन्हे से दीपक में सजाई बाती रौशनी चारों तरफ,निखरी हुई ज्योति हर पल तप तप कर तुम हो जाना प्रखर दीप … more →