बज़्म-ए-दुश्मन में बुलाते हो ये क्या करते हो और फिर आँख चुराते हो ये क्या करते हो बाद मेरे कोई मुझ सा ना मिलेगा तुम को ख़ाक में किस को मिलाते हो ये क्या करते हो छींटे पानी के ना दो नींद भरी आँखों पर सोत… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: बज़्म-ए-दुश्मन में बुलाते हो ये क्या करते हो और फिर आँख चुराते हो ये क्या करते हो बाद मेरे कोई मुझ सा … more →