बेनाम सा ये दर्द ठहर क्यों नही जाता, जो बीत गया है वो गुज़र क्यों नही जाता, सब कुछ तो है क्या ढूंढती हैं ये निगाहें, क्या बात है मैं वक्त पे घर क्यों नहीं जाता, वो एक ही चेहरा तो नहीं सारे जहां मे, जो … more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: बेनाम सा ये दर्द ठहर क्यों नही जाता, जो बीत गया है वो गुज़र क्यों नही जाता, सब कुछ तो है क्या ढूंढती … more →