बनारस की शान्ति में खलल डालने की नापाक कोशिशों के बारे में कल मैंने लिखा था । कर्नाटक कैडर के प्रशासनिक अधिकारी जो यहां केन्द्रीय पर्यवेक्षक हैं ने मुझे आश्वस्त किया था कि मेरी सलाह के अनुरूप हॉकरों द… more →
यही है वह जगहअफ़लातून wrote 2 months ago: बनारस की शान्ति में खलल डालने की नापाक कोशिशों के बारे में कल मैंने लिखा था । कर्नाटक कैडर के प्रशास … more →
अफ़लातून wrote 2 months ago: कल सुबह बनारस शहर के चुने हुए इलाकों में एक अत्यन्त जहरीला , भड़काऊ परचा जिसमें चुनाव कानून के अनुरूप … more →
अफ़लातून wrote 2 months ago: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और इलाहाबाद में पिछले लोक सभा चुनाव में मुँह की खाने के बाद राज … more →
अफ़लातून wrote 2 months ago: हिन्दी के वरिष्ट पत्रकार और लेखक बच्चन सिंह ने चिट्ठेकारी शुरु की है । अपने चिट्ठे बेबाक ज़ुबाँ में व … more →
अफ़लातून wrote 6 months ago: बनारस से प्रकाशित तीनों प्रमुख दैनिकों ने कल प्रथम पृष्ट पर यह संयुक्त विज्ञापन छापा था । मुझे कीटना … more →
अफ़लातून wrote 6 months ago: पिछले बुधवार (२४ दिसम्बर , ‘०८ ) से बनारस से छपने वाला कोई अखबार बँट नहीं रहा है । न बँटने का … more →
अफ़लातून wrote 6 months ago: कल सुबह कभी मेरे पड़ोसी प्रयाग पुरी चल बसे । मैं उन्हें बाबाजी बुलाता था । उनका अभिवादन होता था … more →
अफ़लातून wrote 7 months ago: Technorati tags: नरीमन हाउस, शिवाला, इसराइली पर्यटक, israeli tourists, varanasi, shivala, banaras, s … more →
अफ़लातून wrote 7 months ago: देव दीपावली सांस्कृतिक टोली सलीम शिवालवी अंजुम सलीमी … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: [ जुलाई १९६७ में बनारस में हुए नेपाल के युवा समाजवादियों के सम्मेलन को डॉ. लोहिया ने यह सन्देश दिया … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: vasantatilaka ( स्लाइड शो ) महुआ के बेतरह गिरते सूखे पत्तों के साथ – साथ उसके फूल भी टपकने … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: पिछला भाग सोनाबाबू श्रीनाट्यम के संस्थापकों में से एक थे और उसके साथ उन्होंने नाटकों में अभिनय के अल … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: श्यामलाल ‘पागल’ मीरजापुर जिले के घुरहूपुर निवासी हैं । यहाँ प्रस्तुत उनके पहले व तीसरे … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: होली पर शिवप्रसाद मिलन के बाद संवाद : के हव ? के के हव ? केके हव? का केके हव? केके का हव ? केके केके … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: शब्दों से ढका हुआ है सब कुछ मैंने कहा फूल एक शब्द ने फूल को छिपा लिया मैंने कहा पहाड़ एक शब् … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: कोयला , लोहे का कबाड़ , रेलवे के ठेके, निर्माण , और ड्रग के धन्धे से जुड़ा बृजेश सिंह भुवनेश्वर म … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: Technorati tags: posts index, bhu, banaras काशी विश्वविद्यालय यही है वह जगह जहां नामालूम तरीके से न … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: शिवाला - शिलालेख देश भर में आज़ादी के लिए लड़े गये १८५७ के पहले संग्राम की १५० वीं जयन्ती मनायी ज … more →