मधुर मनोहर अतीव सुन्दर, यह सर्वविद्या की राजधानी । यह तीन लोकों से न्यारी काशी । सुज्ञान धर्म और सत्यराशी ।। बसी है गंगा के रम्य तट पर, यह सर्वविद्या की राजधानी । मधुर मनोहर अतीव सुन्दर, यह सर्वविद्या… more →
यही है वह जगहअफ़लातून wrote 4 months ago: मधुर मनोहर अतीव सुन्दर, यह सर्वविद्या की राजधानी । यह तीन लोकों से न्यारी काशी । सुज्ञान धर्म और सत् … more →
अफ़लातून wrote 4 months ago: क्वचित प्रकाशं क्वचित्प्रकाशं, नभ: प्रकीर्णाम बुधरम विभाति । क्वचित क्वचित पर्वत सनिरुद्धम , रुपं यथ … more →
अफ़लातून wrote 4 months ago: आज दोपहर करीब ढाई बजे प्रोफेसर जुआल की बिटिया डॉ. पाली का फोन आया ,’ नागेश्वर अंकल सुबह साढ़े नौ बजे … more →
अफ़लातून wrote 7 months ago: बनारस की शान्ति में खलल डालने की नापाक कोशिशों के बारे में कल मैंने लिखा था । कर्नाटक कैडर के प्रशास … more →
अफ़लातून wrote 7 months ago: कल सुबह बनारस शहर के चुने हुए इलाकों में एक अत्यन्त जहरीला , भड़काऊ परचा जिसमें चुनाव कानून के अनुरूप … more →
अफ़लातून wrote 7 months ago: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और इलाहाबाद में पिछले लोक सभा चुनाव में मुँह की खाने के बाद राज … more →
अफ़लातून wrote 7 months ago: हिन्दी के वरिष्ट पत्रकार और लेखक बच्चन सिंह ने चिट्ठेकारी शुरु की है । अपने चिट्ठे बेबाक ज़ुबाँ में व … more →
अफ़लातून wrote 10 months ago: बनारस से प्रकाशित तीनों प्रमुख दैनिकों ने कल प्रथम पृष्ट पर यह संयुक्त विज्ञापन छापा था । मुझे कीटना … more →
अफ़लातून wrote 11 months ago: पिछले बुधवार (२४ दिसम्बर , ‘०८ ) से बनारस से छपने वाला कोई अखबार बँट नहीं रहा है । न बँटने का … more →
अफ़लातून wrote 11 months ago: कल सुबह कभी मेरे पड़ोसी प्रयाग पुरी चल बसे । मैं उन्हें बाबाजी बुलाता था । उनका अभिवादन होता था … more →
अफ़लातून wrote 11 months ago: Technorati tags: नरीमन हाउस, शिवाला, इसराइली पर्यटक, israeli tourists, varanasi, shivala, banaras, s … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: देव दीपावली सांस्कृतिक टोली सलीम शिवालवी अंजुम सलीमी … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: [ जुलाई १९६७ में बनारस में हुए नेपाल के युवा समाजवादियों के सम्मेलन को डॉ. लोहिया ने यह सन्देश दिया … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: vasantatilaka ( स्लाइड शो ) महुआ के बेतरह गिरते सूखे पत्तों के साथ – साथ उसके फूल भी टपकने … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: पिछला भाग सोनाबाबू श्रीनाट्यम के संस्थापकों में से एक थे और उसके साथ उन्होंने नाटकों में अभिनय के अल … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: श्यामलाल ‘पागल’ मीरजापुर जिले के घुरहूपुर निवासी हैं । यहाँ प्रस्तुत उनके पहले व तीसरे च … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: होली पर शिवप्रसाद मिलन के बाद संवाद : के हव ? के के हव ? केके हव? का केके हव? केके का हव ? केके केके … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: शब्दों से ढका हुआ है सब कुछ मैंने कहा फूल एक शब्द ने फूल को छिपा लिया मैंने कहा पहाड़ एक शब्द … more →