Blogs about: Bhaarat

वह औरत-कविता 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: दिन भर ईंट, पत्थर और सीमेंट का मसाला-तस्सल सिर पर रखकर ढोती वह औरत रात्रि में प्लास्टिक की छत से ढंक … more →

Tags: abhivyakti, अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, कविता, क्षणिका, दीपक भारतदीप, भारत, मस्तराम

मै अखबार आज भी क्यों पढ़ता हूं-हास्य व्यंग्य2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago:           मैने अखबार पढ़ना बचपन से ही शुरू किया क्योंकि मोहल्ले का वाचनालय हमारे किराये के घर के पास … more →

Tags: writing, vyangya, अनुगूँज, inglish, संपादकीय, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति, चिन्तन, India

समूह और वर्ग होते हैं भ्रम का प्रतीक

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago:                        समाज को बांटकर विकास करने का सिद्धांत मुझे कभी नहीं सुहाता। मुझे उकताहट होती … more →

Tags: Blogroll, writing, संपादकीय, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति, चिन्तन, आलेख, साहित्य, हिंदी साहित्य

शैतान के सम्मान की माया-हास्य कविता 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: साधू के आश्रम में पहुंचकर शैतान ने अपनी चाल का जाल बिछाया उसके सब चेलों को अलग-अलग बुलाकर ‘सर … more →

Tags: arebic, अनुभूति, कला, चिन्तन, दीपक भारतदीप, भाषा, व्यंग्य चिंतन, शेर, शेर-ओ-शायरी

रहीम के दोहे: बिपति भए धन न रहे

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बिपति भए धन न रहे, रहे जो लाख करोड़ नभ तारे छिपि जात है, ज्यों रहीम भए भोर कवि रहीम कहते हैं, जैसे … more →

Tags: aastha, aducation, anugoonj, arebic, आलेख, चिन्तन, दीपक भारतदीप, साहित्य, हिंदी साहित्य

धोनी कप्तान की तरह पेश आये

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: एक दिवसीय मैचों के श्रंखला में आस्ट्रेलिया ने भारत को अभी मैचों में हराकर यह सिद्ध कर दिय … more →

Tags: aducation, arebic, bharat, Blogroll, Cricket, क्रिकेट, विचार, साहित्य, हिन्दी

धोनी कप्तान की तरह पेश आयें

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: एक दिवसीय मैचों के श्रंखला में आस्ट्रेलिया ने भारत को अभी दो मैचों में हराकर यह सिद्ध कर दिया है कि … more →

Tags: aducation, arebic, आलेख, दीपक द्वारा, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, बिंब-प्रतिबिंब, हिंदी साहित्य, हिन्दी

चाणक्य नीति:भावना से प्रतिमा में भी भगवान्

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1.मन की शुद्ध भावना से यदि लकड़ी, पत्थर या किसी धातु से बनी मूर्ति की पूजा की जायेगी तो सब मे … more →

Tags: aastha, aducation, arebic, Art, चाणक्य, bharat, Blogroll, blogvani, Chanakya

कबीर वाणी:उसी धन का संचय करो जो आगे काम आये

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ‘कबीर’ मन फूल्या फिरै,करता हूँ मैं प्रेम कोटि क्रम सिरि ते चल्या, चेत न देखै भ्रम संत … more →

Tags: कबीर, भारत, भाषा, विश्वास, सृजन, हिंदी साहित्य, हिन्दी, bharat, Blogroll

गरीबों के नाम बडे,दर्शन छोटे

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: एक टीवी चैनल पर प्याज के बढती कीमतों पर लोगों के इन्टरव्यू आ रहे थे, और चूंकि उसमें सारा फोकस मुंबई … more →

Tags: आलेख, चिन्तन, हिंदी साहित्य, Blogroll, E-patrika, hindi sahitya, Media Biz

हास्य कविता -क्रिकेट तो अनिश्चतताओं का खेल है

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पांच दिन से एक दिन अब क्रिकेट खेल के रह गये बीस ओवर बाजार में देश प्रेम की भावनाओं का भुनाते ख़ूब चल … more →

Tags: aducation, Art, कविता, क्षणिका, व्यंग्य चिंतन, शायरी, शेर-ओ-शायरी, bharat, Blogroll

इंसान इसलिये देवता बनने से घबडाते हैं

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: नागपंचमी का दिन  नागमंदिर पर लगामेला श्रद्धालुओं  का आता-जाता हुआ रेला  थोड़ी दूर बैठा सपैरों  का झु … more →

Tags: Blogroll, hindi, Kavita, Thought, inglish, कविता, व्यंग्य चिंतन, शेर-ओ-शायरी, शायरी


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