राजा भर्तृहरि कहते हैं कि ——————– पद्माकरं दिनकरो विकची करोति चन्द्रो विकासयति कैरवचक्रवालम् नाभ्यर्थितो जलधरोऽपि जलं ददाति संत स्वयं परहिते विहिताभियोगाः हिं… more →
***दीपक भारतदीप की हिंदी पत्रिका*** ***Deepak Bharatdeep ki Hindi patrika***दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: राजा भर्तृहरि कहते हैं कि —————– भ्रान्तं देशमनेकदुर्गविषमं प्रा … more →