एक किसान होकर मैं पूछता हूँ कि, बीज बोने से लेकर फसल काटने तक किसान, खेत मज़दूर जो जीतोड़ मेहनत करके अपनी फसल तैयार करके मंडी में बेचने ले जाता है और वहां कौड़ियों के भाव अपनी फसल बेचने के बाद खाली हाथ ल… more →
स्वार्थwrote 1 year ago: वह एक पुलिस का सिपाही है जो तलाश रहा है एक सभ्य नागरिक जिसकी ज़ेब से निकलवा सके वह आखिरी नोट। और वह ज … more →
wrote 2 years ago: ईमानदारी दर-ब-दर है इस दौर में ईमानदारी मौत की डगर है इस दौर में ईमानदारी फाकों का सफर है इस दौर में … more →
wrote 2 years ago: जीवन का कुछ पता नहीं चलता कि यह किस करवट सोयेगा और कैसी अंगड़ाई लेकर जागेगा। लोगों को बात का पता भी न … more →
wrote 2 years ago: भ्रष्टाचार के विरुद्ध स्वामी रामदेव का अभियान अब देश में चर्चा का विषय बन चुका है। बाबा रामदेव अब खु … more →
wrote 2 years ago: चार दिन गायब रहने के बाद हरेंद्र हॉस्टल वापस आया तो बहुत खुश था। अपने कमरे में जाकर सामान रखने के बा … more →
wrote 2 years ago: आज पूरे देश में त्रेतायुग में श्री राम की रावण पर युद्ध के समय हुई विजय के रूप में मनाये जाने वाले द … more →
wrote 2 years ago: दृश्यव्य एवं श्रव्य प्रचार माध्यमों के सीधे प्रसारणों पर कोई हास्य व्यंगात्मक चित्रांकन किया गया-अक् … more →
wrote 2 years ago: सुनो नेता जी तुम क्यों एक नंगे बच्चे जैसा व्यवहार करते हो जो अपनी आँखें बंद कर लेता है और सोचता है क … more →
wrote 1 year ago: एक किसान होकर मैं पूछता हूँ कि, बीज बोने से लेकर फसल काटने तक किसान, खेत मज़दूर जो जीतोड़ मेहनत करके अ … more →
wrote 1 year ago: मैं जनता हूँ मुझमें और कसाई की भेड़ों में बस इतना ही अंतर है, भाषणों के बाजीगरों द्वारा संवेदना की छु … more →
wrote 1 year ago: भ्रष्टाचार भौतिकवाद का लाडला परपोता है जबकि पूंजीवाद इसका बेटा और उपभोक्तावाद भौतिकवाद का पोता है। इ … more →
wrote 1 year ago: भ्रष्टाचार के विरुद्ध बहती हुयी गंगा में आज हर कोई हाथ धोने के लिए तत्पर है केवल यह दिखाने के लिए कि … more →
wrote 1 year ago: आजकल हालात के चलते कई बार सोचने पर मजबूर हूँ उस सच के बारे में जिसे सब जानते है पर बोलने को कोई तैया … more →
wrote 1 year ago: चांद पर भी कहीं न कहीं दाग है, समंदर में भी कहीं न कहीं आग है। ऊपर और नीचे होता खेल कुदरत का है इंसा … more →
wrote 1 year ago: फुस्स फटाखा रामदेव और खोखले बांस से मेरा टेसू झईं अड़ा का सुर आलापते अन्ना नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनन् … more →
wrote 1 year ago: बतकही 1- बाबा रामदेव: छाप, तिलक, अनशन सब छीनी रे नेताओं ने पुलिस लगाय के अशोक – एक बार को मान … more →
wrote 1 year ago: बीते दिनों सन्यासी, ठग, व्यपारी और मसीहा के बीच उलझे हुये सत्य का अजीब रूप देखने को मिला है। खून-पसी … more →
wrote 1 year ago: बाबा रामदेव के काले धन की विदेश से वापसी और भ्रष्टाचार के खिलाफ किये अनशन से सम्बंधित दुखद घटनाक्रमो … more →
wrote 2 years ago: रमेश ज़रूरी काम से गांव जाने के लिये सपत्नीक स्टेशन पहुँचा तो पाया कि पहले से ही मुसाफिरों की लंबी ला … more →