Blogs about: Bhrashtachar

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मास्टर, डॉक्टर और पुलिस - भ्रष्टाचार के तीन स्त्रोत3 comments

स्वार्थ wrote 1 year ago: वह एक पुलिस का सिपाही है जो तलाश रहा है एक सभ्य नागरिक जिसकी ज़ेब से निकलवा सके वह आखिरी नोट। और वह ज … more →

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अन्ना आये हैं दिया जलाने

स्वार्थ wrote 2 years ago: ईमानदारी दर-ब-दर है इस दौर में ईमानदारी मौत की डगर है इस दौर में ईमानदारी फाकों का सफर है इस दौर में … more →

टैग: अन्ना हजारे, कविता, भ्रष्टाचार, रचनाकार, रफत आलम, लोकपाल, समसामायिक, Anna Hazare, bharat

ईमानभक्षी खटमल6 comments

स्वार्थ wrote 2 years ago: जीवन का कुछ पता नहीं चलता कि यह किस करवट सोयेगा और कैसी अंगड़ाई लेकर जागेगा। लोगों को बात का पता भी न … more →

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बाबा रामदेव समाज में चेतना लाये बिना सफल नहीं हो सकते-हिन्दी लेख (baba ramdev,bharshtachar aur samajik chetna-hindi lekh2 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: भ्रष्टाचार के विरुद्ध स्वामी रामदेव का अभियान अब देश में चर्चा का विषय बन चुका है। बाबा रामदेव अब खु … more →

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तबादला10 comments

स्वार्थ wrote 2 years ago: चार दिन गायब रहने के बाद हरेंद्र हॉस्टल वापस आया तो बहुत खुश था। अपने कमरे में जाकर सामान रखने के बा … more →

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दशहराःरावण के नये रूप महंगाई, भ्रष्टाचार, और बेईमानी से लड़ना आवश्यक-हिन्दी लेख (ravan ke naye roop-hindi lekh1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: आज पूरे देश में त्रेतायुग में श्री राम की रावण पर युद्ध के समय हुई विजय के रूप में मनाये जाने वाले द … more →

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मैत्रीपूर्ण संघर्ष-हिन्दी हास्य व्यंग्य (friendly fighting-hindi comic satire article)

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: दृश्यव्य एवं श्रव्य प्रचार माध्यमों के सीधे प्रसारणों पर कोई हास्य व्यंगात्मक चित्रांकन किया गया-अक् … more →

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खबरदार श्रीमान नेता जी

स्वार्थ wrote 2 years ago: सुनो नेता जी तुम क्यों एक नंगे बच्चे जैसा व्यवहार करते हो जो अपनी आँखें बंद कर लेता है और सोचता है क … more →

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भ्रष्टाचार: कुछ अनबुझे सवाल2 comments

स्वार्थ wrote 1 year ago: एक किसान होकर मैं पूछता हूँ कि, बीज बोने से लेकर फसल काटने तक किसान, खेत मज़दूर जो जीतोड़ मेहनत करके अ … more →

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अन्ना सोचो तो बताओ तो7 comments

स्वार्थ wrote 1 year ago: मैं जनता हूँ मुझमें और कसाई की भेड़ों में बस इतना ही अंतर है, भाषणों के बाजीगरों द्वारा संवेदना की छु … more →

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कितना ज़रूरी है सह-अस्तित्व पर चलना4 comments

स्वार्थ wrote 1 year ago: भ्रष्टाचार भौतिकवाद का लाडला परपोता है जबकि पूंजीवाद इसका बेटा और उपभोक्तावाद भौतिकवाद का पोता है। इ … more →

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भ्रष्टाचार और दोहरे चरित्र का द्वन्द10 comments

स्वार्थ wrote 1 year ago: भ्रष्टाचार के विरुद्ध बहती हुयी गंगा में आज हर कोई हाथ धोने के लिए तत्पर है केवल यह दिखाने के लिए कि … more →

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हम खुद ही न मार डालें कहीं अन्ना को!6 comments

स्वार्थ wrote 1 year ago: आजकल हालात के चलते कई बार सोचने पर मजबूर हूँ उस सच के बारे में जिसे सब जानते है पर बोलने को कोई तैया … more →

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चांद और समंदर-हिन्दी कविता (chand aur samandar-hindi poem)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: चांद पर भी कहीं न कहीं दाग है, समंदर में भी कहीं न कहीं आग है। ऊपर और नीचे होता खेल कुदरत का है इंसा … more →

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फुस्स फटाखा रामदेव और खोखले बांस से मेरा टेसू झईं अड़ा का सुर आलापते अन्ना1 comment

gwaliortimes wrote 1 year ago: फुस्स फटाखा रामदेव और खोखले बांस से मेरा टेसू झईं अड़ा का सुर आलापते अन्ना नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनन् … more →

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बाबा रामदेव: आर.एस.एस, भाजपा और कांग्रेस 2 comments

स्वार्थ wrote 1 year ago: बतकही 1- बाबा रामदेव: छाप, तिलक, अनशन सब छीनी रे नेताओं ने पुलिस लगाय के अशोक – एक बार को मान … more →

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भ्रष्टाचार विरोध को इंसाफ मिलेगा क्या?

स्वार्थ wrote 1 year ago: बीते दिनों सन्यासी, ठग, व्यपारी और मसीहा के बीच उलझे हुये सत्य का अजीब रूप देखने को मिला है। खून-पसी … more →

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बाबा रामदेव: छाप, तिलक, अनशन सब छीनी रे नेताओं ने पुलिस लगाय के 1 comment

स्वार्थ wrote 1 year ago: बाबा रामदेव के काले धन की विदेश से वापसी और भ्रष्टाचार के खिलाफ किये अनशन से सम्बंधित दुखद घटनाक्रमो … more →

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ईमानदारी-भ्रष्टाचार के बीच झूलता मानस2 comments

स्वार्थ wrote 2 years ago: रमेश ज़रूरी काम से गांव जाने के लिये सपत्नीक स्टेशन पहुँचा तो पाया कि पहले से ही मुसाफिरों की लंबी ला … more →

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