मधुर मनोहर अतीव सुन्दर, यह सर्वविद्या की राजधानी । यह तीन लोकों से न्यारी काशी । सुज्ञान धर्म और सत्यराशी ।। बसी है गंगा के रम्य तट पर, यह सर्वविद्या की राजधानी । मधुर मनोहर अतीव सुन्दर, यह सर्वविद्या… more →
यही है वह जगहअफ़लातून wrote 4 months ago: मधुर मनोहर अतीव सुन्दर, यह सर्वविद्या की राजधानी । यह तीन लोकों से न्यारी काशी । सुज्ञान धर्म और सत् … more →
अफ़लातून wrote 4 months ago: क्वचित प्रकाशं क्वचित्प्रकाशं, नभ: प्रकीर्णाम बुधरम विभाति । क्वचित क्वचित पर्वत सनिरुद्धम , रुपं यथ … more →
अफ़लातून wrote 4 months ago: आज दोपहर करीब ढाई बजे प्रोफेसर जुआल की बिटिया डॉ. पाली का फोन आया ,’ नागेश्वर अंकल सुबह साढ़े नौ बजे … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: vasantatilaka ( स्लाइड शो ) महुआ के बेतरह गिरते सूखे पत्तों के साथ – साथ उसके फूल भी टपकने … more →
अंकुर वर्मा wrote 2 years ago: विगत सप्ताह नीरज के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश की यात्रा का सौभाग्य प्राप्त हुआ| नीरज एक माह के लिए ह्य … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: Technorati tags: posts index, bhu, banaras काशी विश्वविद्यालय यही है वह जगह जहां नामालूम तरीके से नह … more →
अफ़लातून wrote 3 years ago: स्थानीय निकायों की भूमिका का महत्व बढने के साथ साथ उनके प्रति अगंभीर रवैए का जारी रहना भी गौरतलब है. … more →
अफ़लातून wrote 3 years ago: राजन की कविता पहले पहल तो पर्चे में छपी थी.’किताबों की एक अनिश्चितकालीन बन्दी’ के दौरान. … more →
अफ़लातून wrote 3 years ago: वसंतोत्सव यहां नामालूम तरीके से नहीं आता . वसंत पंचमी (१९१६ ) इस विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस है.स् … more →
अफ़लातून wrote 3 years ago: यही है वह जगह जहां नामालूम तरीके से नहीं आता है वसंतोत्सव हमउमर की तरह आता है आंखों में आंखे मिलाते … more →