vasantatilaka ( स्लाइड शो ) महुआ के बेतरह गिरते सूखे पत्तों के साथ – साथ उसके फूल भी टपकने लगते हैं । ‘ महुआ वीथिका’ (चित्र २) की सड़क रस से चिपचिपी हो गई है । लगातार कमर झुकाए पत… more →
यही है वह जगहअफ़लातून wrote 1 year ago: vasantatilaka ( स्लाइड शो ) महुआ के बेतरह गिरते सूखे पत्तों के साथ – साथ उसके फूल भी टपकने … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: विगत सप्ताह नीरज के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश की यात्रा का सौभाग्य प्राप्त हुआ| नीरज एक माह के लिए ह्य … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: Technorati tags: posts index, bhu, banaras काशी विश्वविद्यालय यही है वह जगह जहां नामालूम तरीके से न … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: स्थानीय निकायों की भूमिका का महत्व बढने के साथ साथ उनके प्रति अगंभीर रवैए का जारी रहना भी गौरतलब है. … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: राजन की कविता पहले पहल तो पर्चे में छपी थी.’किताबों की एक अनिश्चितकालीन बन्दी’ के दौरान. … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: वसंतोत्सव यहां नामालूम तरीके से नहीं आता . वसंत पंचमी (१९१६ ) इस विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस है.स् … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: यही है वह जगह जहां नामालूम तरीके से नहीं आता है वसंतोत्सव हमउमर की तरह आता है आंखों में आंखे मिलाते … more →