नीले नभ की छुपी नीलाई शामल घटाए उस पर छाई बदरा उमड़ घूमड़ कर आई अपनी संगिनी को रहे पुकार इठलाती,बलखाती थिरकत ताल सुनाती बिजलियाँ अपनी झंकार | अपनी आने की आहट बताए प्रकाश चमकती लकीरे बिखराए खुश होती वो… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: नीले नभ की छुपी नीलाई शामल घटाए उस पर छाई बदरा उमड़ घूमड़ कर आई अपनी संगिनी को रहे पुकार इठलाती,बलखा … more →