औचक पहुँचे , उस दिन हमने साँझ को शुरु होते देखा चनमा सट्टी चौराहे पर की उस चाय – दुकान में ढलती साँझ हमारे पहुँचने तक जो गहगह होती थी अब जानता हूँ उस चाय – दुकान की साँझ बहुत पह… more →
शैशवअफ़लातून wrote 1 year ago: औचक पहुँचे , उस दिन हमने साँझ को शुरु होते देखा चनमा सट्टी चौराहे पर की उस चाय – दुकान मे … more →