सरकार प्रसन्न , घोड़ा सन्न , कि घोड़े से तेज दौड़ता है - कागज का घोड़ा . - राजेन्द्र राजन कवि मित्र राजेन्द्र राजन की यह छोटी-सी कविता उनकी ‘घोड़ा’ – सिरीज़ से ली गई है । कई अन्तर्राष्ट्रीय मीड… more →
चिट्ठाकारीअफ़लातून wrote 1 year ago: सरकार प्रसन्न , घोड़ा सन्न , कि घोड़े से तेज दौड़ता है - कागज का घोड़ा . - राजेन्द्र राजन कवि मित् … more →