एक टीवी चैनल का एक दृश्य है। उसमें एक अधेड़ महिला-धारावाहिकों में काम करने वाली महिलाओं को बुढ़िया इसलिये भी नहीं कहा जा सकता है क्योंकि परदादी होने पर भी उनके बाल काले होते हैं-कुछ बोलते हुए पढ़ रही है… more →
*** दीपक भारतदीप की हिंदी सरिता-पत्रिका*** mastram Deepak Bharatdeep ki hindi patrika***दीपक भारतदीप wrote 5 days ago: सरकारी अस्पताल में एक सफाई कर्मचारी ने एक तीन साल के बच्चे के गले का आपरेशन कर दिया। उस बच्चे के गले … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: शायद कुछ समाज सुधारकों को यह बुरा लगे पर सच यही है कि इस धरती पर पैदा हर जीव की नस्ल होती है और उसमे … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: जूते का उपयोग सभी लोग पैर में पहनने के लिये करते हैं इसलिये उसकी अपनी कोई इज्जत नहीं है। हमारे देश म … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: बरसों पहले कृश्न चंदर का उपन्यास देख ‘एक गधे की आत्मकथा’। पूरा नहीं पढ़ा क्योंकि उसमें गधे का बोलना- … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: लोग है कि मानते नहीं। कहो वह समझते नहीं और हम है कि कहने से बाज नहीं आते। बात केवल इतनी है कि हिंदी … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: जमीन पर आते हुए इंसान ने सर्वशक्तिमान से कहा ‘इस बार इंसान बनाया है इसके लिये शुक्रगुजार हूं पर मुझे … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: अगर संकेतों को साफ समझें तो आने वाले दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच कुछ घटने वाला है। मुंबई मे … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: आज बैठे ठाले अपने ब्लाग की पैज रैंक देखने का विचार आया तो पता लगा कि एक अन्य ब्लाग/पत्रिका ई7पत्रिका … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अगर किसी समुदाय का एक जोड़ा अपने किसी दूसरे समुदाय की रीति के अनुसार विवाह करता है तो क्या उस समुदाय … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: के अनुसार ———————– आस्रावयेदुपचितान् साधु दुष्टऽव्र … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: समाज को सुधारने की प्रयास हो या संस्कृति और संस्कारों की रक्षा का सवाल हमेशा ही विवादास्पद रहा है। … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भ्रान्तं देशमनेकदुर्गविषमं प्राप्तं न किंचित्फलं त्यकत्वा जातिकुलाभिमानमुचितं सेवा कृता निष्फला। भुक … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: न निर्मितः केन न दृष्टपूर्वः न श्रूयते हेममयः कुरंगः। तथापि तृष्णा रघुनंदनस्य विनाशकाले विपरीत बुद्ध … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: यह कोई आग्रह नहीं है यह कोई चेतावनी भी नहीं है। यह कोई फतवा भी नहीं है और न ही यह अपने विचार को किसी … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: राजा भर्तृहरि कहते हैं कि —————– भ्रान्तं देशमनेकदुर्गविषमं प्रा … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: इस बार गुडफ्राइडे के अवसर पर वैटिकन सिटी में आयोजित एक प्रार्थना में हिन्दू धर्म के महान ग्रंथ श्रीग … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: कुछ लोग हैं जो महिलाओं को अपने पुरुषों के अनाचारों के विरुद्ध भड़काते रहते हैं। यह मामला दायर कर दो। … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: देश में इंटरनेट कनेक्शन की संख्या बढ़ती जा रही है। टेलीफोन कंपनियों का इससे राजस्व बढ़ रहा है। यह कंप … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: ———————- भीड़ में पहचान बनाने की कोशिश! बिल्कुल निरर्थक है। … more →