Blogs about: Blogvani
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हसरतो के कमल मेरे
हसरतो के कमल आओ आओ सखियों आओ,कुछ राज़ बताना चाहूं मैं दिल की बगिया मे… more »
mehek
प्रतिबंध के बाद लगाये शोएब अख्तर ने फिक्सिंग के आरोप
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: शोएब अख्तर पर अनुशासनहीनता के आरोप मे … more »
पेट में खाया कौन देखता है-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: समाज के नाम पर सभी पुरानें रीतिरिव … more »
ब्लोग पर कमेन्ट को ही गुलाल और पकवान समझना-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अंतर्जाल पर अपनी प्रेमिका को लुभाने क … more »
हसरतो के कमल मेरे
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mehhekk wrote 2 months ago: हसरतो के कमल आओ आओ सखियों आओ,कुछ र … more »
जब शब्दों की जंग होती है
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: जब जंग शब्दों से होती है तब जीत अर्थों … more »
सच और झूठ का द्वंद
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: एक झूठ सौ बार बोला जाये तो वह सच हो जाता … more »
संत कबीर वाणी:मूर्ख से मित्रता कभी न करिये
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: गिरिये परबत शिखर ते, परिये धरनि मंझार … more »
रहीम के दोहे:हंसिनी चुनती है केवल मोती
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: मान सहित विष खाप के, संभु भय जगदीश … more »
रहीम के दोहे:घोडे में है महानता का गुण
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: यों रहीम गति बडेन की ज्यों तुरंग व्यवह … more »
दिल के सोच जैसी होगी दुनिया
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: मन का खोखलापन तन को रुग्ण कर देता हैं व … more »
रहीम के दोहे: बिपति भए धन न रहे
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: बिपति भए धन न रहे, रहे जो लाख करोड़ नभ त … more »
दिल का क्या हिसाब रखते
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: जिस राह से गुजरे हम वहीं हमसफ़र मिलते ग … more »
जब फूलों को देखने के लिए पैसे देने होंगे
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: अगर एक अखबार की खबर पर यकीन करें तो … more »
कौटिल्य अर्थशास्त्र: प्रजा को विरक्त न होने दे राज्य
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: १. जो पुरुष वाणी में कठोरता दिखाता … more »
अपने आंसू धीरे-धीरे बहाओ- हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: शिष्य के हाथ से पिटाई का गुरुजी को मला … more »
जो सहज वह 'कबीर' जो असहज वह गरीब है
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: भारत में संत कबीर जी का नाम बहुत श्रद् … more »
सहमति-असहमति का द्वंद
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: जब किसी विषय पर एक से अधिक लोगों के मध … more »
अपनी आभा खोते हुए समाचार चैनल
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: हम भारत के लोग मूलत: सीधे होते हैं इस … more »
संत कबीर वाणी: जल-धन बढने लगे तो उसे निकालो
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: जो जल बाढै नाव में, घर में बाढै दाम दोन … more »
