देश के बुद्धिजीवियों का एक गोलमेज सम्मेलन बुलाया गया था। गोलमेज सम्मेलन का विषय था कि ‘जूता बड़ा कि कलम’। यह सम्मेलन विदेश में एक बुद्धिजीवी द्वारा सरेराह जूते उछालने की घटना की पृष्ठभूमि में इस आशय … more →
दीपक भारतदीप की शब्द- पत्रिकाRahul Katyayan wrote 1 month ago: हिंदी मैं ब्लॉग देखना और लिखना मेरे लिए नया है और बेहद रोमांचक भी क्यूँकि मुझे पता ही नहीं था की इन् … more →
Rahul Katyayan wrote 1 month ago: हिंदी मैं ब्लॉग देखना और लिखना मेरे लिए नया है और बेहद रोमांचक भी क्यूँकि मुझे पता ही नहीं था की इन् … more →
Rahul Katyayan wrote 1 month ago: बरसों से बिना बात जिससे रूठा रहा, उस मुस्कराहट को खींच कर होठों पे लाने की ये कोशिश है सम्मान मैं इत … more →
Rahul Katyayan wrote 1 month ago: बरसों से बिना बात जिससे रूठा रहा, उस मुस्कराहट को खींच कर होठों पे लाने की ये कोशिश है सम्मान मैं इत … more →
Rahul Katyayan wrote 2 months ago: मैं क्यों हारूँगा किस्मत से जबकि मुझे ये ऐतबार है मेरी हर हार मैं छिपी खुदा तेरी भी हार है … more →
Rahul Katyayan wrote 2 months ago: मैं क्यों हारूँगा किस्मत से जबकि मुझे ये ऐतबार है मेरी हर हार मैं छिपी खुदा तेरी भी हार है … more →
Rahul Katyayan wrote 2 months ago: दोस्तों, मैं एक पेड हूँ. नीम का एक विशाल पेड़. कई साल से यहाँ खडा रहने के बावजूद एक लम्बा सफर तय … more →
Rahul Katyayan wrote 2 months ago: दोस्तों, मैं एक पेड हूँ. नीम का एक विशाल पेड़. कई साल से यहाँ खडा रहने के बावजूद एक लम्बा सफर तय … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: देश के बुद्धिजीवियों का एक गोलमेज सम्मेलन बुलाया गया था। गोलमेज सम्मेलन का विषय था कि ‘जूता बड़ा कि … more →
अफ़लातून wrote 10 months ago: हिन्दी में चिट्ठेकारी करने वाले समस्त मित्रों, हिन्दी चिट्ठेकारी में फिलहाल सर्च इंजनों की तुलना में … more →
pryas wrote 10 months ago: बहुत पुरानी बात है। एक राजा था। उसके पास एक दिन एक संत आए। उन्होंने कई विषयों पर चर्चा की। राजा और स … more →
pryas wrote 10 months ago: साबरमती आश्रम के लिए जगह की तलाश में गांधीजी एक दिन वर्धा से पांच किलोमीटर ऊंची पहाड़ी पर गए। वहां ए … more →
pryas wrote 10 months ago: एक संन्यासी जीवन के रहस्यों को खोजने के लिए कई दिनों तक तपस्या और कठोर साधना में लगे रहे, पर आत्मज्ञ … more →
pryas wrote 11 months ago: एक बार बुद्ध एक गांव में अपने किसान भक्त के यहां गए। शाम को किसान ने उनके प्रवचन का आयोजन किया। बुद् … more →
pryas wrote 11 months ago: रायचंद जवाहरात के बहुत बड़े व्यापारी थे। उनकी ईमानदारी प्रसिद्ध थी। अपने व्यापार में वह किसी प्रकार … more →
pryas wrote 11 months ago: महाराज युधिष्ठिर ध्यानमग्न बैठे थे। जब उन्होंने आंखें खोलीं, तो द्रौपदी ने कहा, ‘धर्मराज! आप भ … more →
pryas wrote 11 months ago: एक राजकुमार को वृद्धों से घृणा थी। वह कहा करता था, ‘बूढ़ों की बुद्धि कुंठित हो जाती है। वे सदा … more →
pryas wrote 11 months ago: एक गुरुकुल में दो राजकुमार पढ़ते थे। दोनों में गहरी मित्रता थी। एक दिन उनके आचार्य दोनों को घुमाने ल … more →
pryas wrote 11 months ago: भगवान बुद्ध श्रावस्ती में ठहरे हुए थे। वहां उन दिनों भीषण अकाल पड़ा था। यह देखकर बुद्ध ने नगर के सभी … more →