यह बच्चन जी की जीवनी का चौथा एवं अंतिम भाग है। बच्चन जी इलाहाबाद में क्लाईव रोड पर जिस बंगले में रहते थे, उसके कमरों में दरवाजे, खिड़कियों और रोशनदान को मिलाकर १०-१० खुली जगहें थी, इसलिये उसका नाम उन्… more →
लेखउन्मुक्त wrote 3 months ago: ‘अरे उन्मुक्त जी, क्यों बोर कर रहे हैं। हमें भी मालुम है कि आज अलबर्ट आइन्स्टीन का जन्मदिन ह … more →
उन्मुक्त wrote 11 months ago: यह बच्चन जी की जीवनी का चौथा एवं अंतिम भाग है। बच्चन जी इलाहाबाद में क्लाईव रोड पर जिस बंगले में रहत … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: ‘बसेरे से दूर’, बच्चन जी की आत्म कथा का तीसरा भाग है। इसमें उस समय की बात है जब वे इलाहा … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: नीड़ का निर्माण फिर बच्चन जी की जीवनी का दूसरा भाग है, यह भाग उनकी पहली पत्नी श्यामा की मृत्यु से शु … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: अमिताभ बच्चन के पिता, मधुशाला के लेखक – हरिवंश राय बच्चन का जन्म २७ नवम्बर १९०७ में इलाहाबाद क … more →
koham wrote 1 year ago: गतसप्ताहे मया Mitch Albom नामकस्य लेखकस्य The 5 people you meet in heaven नाम किञ्चन पुस्तकं पठितम् … more →
Grey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष wrote 1 year ago: This is the book that I am reading currently and for writing about it I have dedicated one complete … more →
उन्मुक्त wrote 1 year ago: यह लेख रिचार्ड फाइनमेन के लिखे पत्रों संग्रहीत कर लिखी गयी पुस्तक ‘क्या आपके पास सोचने का समय … more →
उन्मुक्त wrote 2 years ago: हैकर भाई, तुम सर्वशक्तिमान हो। सारी गलती मेरी ही थी। मेरा चिट्ठा वापस करने के लिये शुक्रिया, धन्यवाद … more →
उन्मुक्त wrote 2 years ago: १९६० दशक के पहले भाग में, मेरा स्कूली जीवन बीता। उसी समय To Sir with Love नामक पुस्तक पढ़ी थी। यह पु … more →