कल उन्मुक्त जी की इस चिट्ठी पर बडी दिलचस्प चर्चा पढने को मिली। एक तो वो दिल्ली में उनकी पसंदीदा किताबों की दुकान बुकवार्म बन्द होने से दुःखी थे और दूसरे अन्य किताबों की दुकानों पर सही माहौल ना होने को… more →
इन्द्रधनुषNitin Bagla wrote 1 year ago: कल उन्मुक्त जी की इस चिट्ठी पर बडी दिलचस्प चर्चा पढने को मिली। एक तो वो दिल्ली में उनकी पसंदीदा किता … more →
Nitin Bagla wrote 1 year ago: अभी हाल ही में चेतन भगत की नयी पुस्तक “Three Mistakes of My Life” पढी। एक टाइमपास किताब … more →
mehhekk wrote 1 year ago: देखा नज़र भर के तुझे जमाना हुआ हमारी रुसवाईयों का सबब पुराना हुआ | हम कब के भुला चुके तीर-ए-नश्तर नफ … more →
Nitin Bagla wrote 1 year ago: दिसम्बर में हैदराबाद में एक पुस्तक मेला लगा था, जिसकी कि खबर मुझे मेले के आखिरी दिन लगी। किस्मत से उ … more →
विनय wrote 1 year ago: तो अब दोस्त रह गये बस नाम के हम अज़ीज़ है जब तक हैं काम के मेरे माज़ी से चुरा ले जाता काश कोई सारे टुक … more →
विनय wrote 2 years ago: जी मेरा सीने में कुछ सिमटता है एक नया सवाल-सा उठता है हमें ख़ुद रंज आप-से आता है क्यों सुकूँ दम-ब-दम … more →
Nitin Bagla wrote 2 years ago: ग्रेगरी डेविड राबर्ट्स (Gregory David Roberts) की ‘शांताराम’ (Shantaram) २००३ में प्रकाश … more →
विनय wrote 2 years ago: एक पानी में भीगी हुई किताब जाने किसने? सूखने के लिए रख दी है धूप में जैसे जैसे नमी भाप बनती है पन्ने … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: Simpaly outstanding. Kammal ki book hai. J K Rowling ne jo likha hai use aap visualize kar sakte hai … more →
Rajesh Roshan wrote 2 years ago: Subah Subah newspaper khola to Times of India ke below fold par ek 4 column khabar “Solution t … more →