हमारे जीवन के अनुभवों का आधार हमारी अनुभूतियाँ हैं और नकारात्मक दृष्टिकोण से नकारा प्रश्न खड़े होते हैं। मेरी माता चुन्नी स्वयं से हमेशा नकारात्मक प्रश्न पूछा करती थी। साधारणतया, वह स्वयं से निम्न प्र… more →
उठो! जागो!jayantijain wrote 3 months ago: हमारे जीवन के अनुभवों का आधार हमारी अनुभूतियाँ हैं और नकारात्मक दृष्टिकोण से नकारा प्रश्न खड़े होते ह … more →
jayantijain wrote 3 months ago: हम अपनी क्यों नहीं सुनते हैं ? हम अपनी व्यस्तता के कारण अपने से ही बहुत दूर चले गयें हैं । हमने अपनी … more →
jayantijain wrote 4 months ago: हम अपने मस्तिष्क की पूरी क्षमता का उपयोग क्यों नहीं कर पाते हैं ? हमारा अज्ञान सबसे पहली समस्या है। … more →
विनय wrote 1 year ago: मैं अत्यन्त अकेला था अनन्त शून्य था मेरे अन्दर यूँ ही विचार आया मन में अपना भी हो एक सुन्दर घर कुछ न … more →
विनय wrote 2 years ago: From last two days I’m strung out of love n’ sketching my reverie… A poet is haunt … more →
विनय wrote 2 years ago: एक गिरह ज़ुबाँ में, सब के होती है वक़्त लगते ही लफ़्ज़ अटका देती है लोग क्या समझते हैं मैं ना-पाक हूँ या … more →