Blogs about: Breath

रातभर चाँद देखा किये15 comments

विनय wrote 6 months ago: रातभर चाँद देखा किये माज़ी में उड़ रहीं थीं तेरी यादें समेटा किये रातभर चाँद देखा किये कभी हाथ से ढका … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, इश्क़, Love, Reminisce, Moment, तन्हाई, प्यार, याद

हिक़ारत भरी नज़रों से जिसे देखा है दुनिया ने

विनय wrote 7 months ago: हिक़ारत भरी नज़रों से जिसे देखा है दुनिया ने उसको तुम एक नज़र मोहब्बत से देख लेना, वह मुफ़लिस है मगर जीन … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, दुनिया, साँस, नज़र, World

वज़नी साँसों में पिस रहा है दिन सारा3 comments

विनय wrote 1 year ago: वज़नी साँसों में पिस रहा है दिन सारा मुझे आज भी है इन्तिज़ार तुम्हारा नम है नफ़स-नफ़स मेरे सीने में क्यो … more →

Tags: मेरा गीत, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, Moment, प्यार, क़िस्मत, मोहब्बत, साँस

ख़लिश को जगह न दो दिल में2 comments

विनय wrote 1 year ago: ख़लिश को जगह न दो दिल में नासूर बन जायेगी मरहम भी न लगा पाओगे साँस घुट के मर जायेगी ज़ीस्त अलग है, ज़ी … more →

Tags: मेरी नज़्म, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, साँस, मरहम

तुम न समझोगे2 comments

विनय wrote 1 year ago: बिन तुम्हारे मैं क्या हूँ तुम न समझोगे आप तन्हाई की सदा हूँ तुम न समझोगे तुम्हारे ग़मे-इश्क़ में जो च … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, ख़त, ग़म, चाँद, टुकड़ा, तन्हाई, दिल, निगाह

यह कैसा लम्हा है3 comments

विनय wrote 1 year ago: यह कैसा लम्हा है यह कैसा एहसास है तू पलकों में क़ैद है दिल के पास है क्या देखूँ तेरे सिवा क्या चाहूँ … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, एहसास, दर्द, दवा, दिल, दीवाना, दुनिया, निगाह

कुछ ऐसा ही होता है

विनय wrote 1 year ago: ज़ोर से दिल धड़कता है (हाँ धड़कता है) तूफ़ान साँसों में चलता है (हाँ चलता है) आँखें ठहर जाती हैं तस्वी … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, तूफ़ान, धड़कन

कुछ तो बोलो!

विनय wrote 1 year ago: क्यों लोग यहाँ जमा हैं? क्यों वह उदास बैठा है? कुछ तो बोलो! मेरी साँसें उखड़ रही हैं शायिर: विनय प्र … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, लोग, साँस, Sad, उदास, People

यह लम्हा गुज़र जाने दो

विनय wrote 1 year ago: जाने दो जाने दो यह लम्हा गुज़र जाने दो न रोको इसे न सँभालो, बह जाने दो… वक़्त के क़तरे बहते रहते … more →

Tags: मेरा गीत, ज़िन्दगी, वक़्त, इश्क़, दर्द, Love, time, Moment, प्यार

जो दिल से जाता नहीं है6 comments

विनय wrote 1 year ago: जो दिल से जाता नहीं है तू वह गीत है जो दिल में आकर बसा था तू वह मीत है साँसों की सरगम बस तुम ही तुम … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, ज़िन्दगी, मुहब्बत, इश्क़, Love, Flower, दिल, प्यार

धीरे-धीरे उतरती है साँस सीने में

विनय wrote 1 year ago: धीरे-धीरे उतरती है साँस सीने में यह  दर्द  बड़ा  बेदर्द  है  सीने  में लुत्फ़ जीने क सब ख़त्म हो गया … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, दर्द, Love, eyes, प्यार, मोहब्बत, Pain, साँस

न रखो वह तस्वीरें हरी जिनसे दिल दुखता हो

विनय wrote 1 year ago: न रखो वह तस्वीरें हरी जिनसे दिल दुखता हो कर दो वह ज़मीनें बंजर जिनमें घाव उगता हो क्यों सीने में साँस … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, इश्क़, दर्द, Heart, Love, light, दिल, प्यार

जन्नत में न लगा जी

विनय wrote 1 year ago: जब तक तेरी तमन्ना करेंगे जीते जायेंगे वरगना दम तोड़ देंगे मर जायेंगे तुमने जो कहा तो मर भी जाना है ह … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, चाह, Heart, Love, गुल, दिल, ख़ुशबू, Heaven, तमन्ना

Fresh and dolce

विनय wrote 1 year ago: It was a beautiful dusk When I was at my threshold And waiting for Opening of your door Moon was mov … more →

Tags: English songs, Heart, Solitude, loneliness, Story, Moon, Past, Beautiful, Droplet

तख़लीक़ हुआ है [ver. 2.0]

विनय wrote 1 year ago: मेरे ही हाथों में टूटा है दम मेरा तेरे ही स्पर्श से तख़लीक़ हुआ है यह ‘विनय’… नया जन्म हुआ है … more →

Tags: मेरी नज़्म, इश्क़, तख़लीक़, Love, प्यार, क़िस्मत, मोहब्बत, Destiny, Fate

एक मुलाक़ात की इल्तजा है2 comments

विनय wrote 1 year ago: एक मुलाक़ात की इल्तजा है उससे दुआ है वह क्यों नहीं मिलता मुझसे उसे क्या शुबा है मुझ मुरीद को न क़रार ह … more →

Tags: मेरी नज़्म, इश्क़, Love, Flower, जुदा, गुल, प्यार, मोहब्बत, धुँआ

तख़लीक़ हुआ है यह विनय

विनय wrote 1 year ago: मेरे ही हाथों में टूटा है दम मेरा, तेरे ही स्पर्श से तख़लीक़ हुआ है यह ‘विनय’ अभी-अभी मेर … more →

Tags: मेरी नज़्म, हासिल, इश्क़, तख़लीक़, Love, प्यार, क़िस्मत, मुक़ाम, मोहब्बत

और इक आह की ख़लिश देती है

विनय wrote 1 year ago: रूह बहुत बेक़रार’ बहुत बेकल है इस जिस्म से छुटकारा चाहती है अगर तुम न मिली मुझको… यह बेक़र … more →

Tags: मेरी नज़्म, इश्क़, गिरह, Love, eyes, प्यार, मोहब्बत, Pain, धड़कन

तो शायद साँस पड़ जाये इनमें...

विनय wrote 1 year ago: एक पानी में भीगी हुई किताब जाने किसने? सूखने के लिए रख दी है धूप में जैसे जैसे नमी भाप बनती है पन्ने … more →

Tags: मेरी नज़्म, ज़िन्दगी, धूप, eyes, साँस, नीली, आँखें, Life, पन्ने


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