विनय wrote 1 year ago: उम्मीद है हम तुम मिलेंगे उम्मीद है नये दीप जलेंगे जब बसंत की धूप महकेगी उम्मीद है दोनों दिल खिलेंगे … more →
विनय wrote 1 year ago: गुनचे चाँदनी देखकर मुस्कुराने लगे महक उठी रिदा यह चाँदनी की… शबनमी रात और भी हसीन हो गयी है शा … more →
विनय wrote 1 year ago: तेरी चुप निगाहें व शर्मायी नज़रें तेरे प्यार का तोहफ़ा हैं, मेरे लिए एक बार तो कुछ कह दे सनम तू एक बार … more →