पिछले भाग से आगे : वैसे तो यह औद्योगिक व्यवस्था पूंजीवाद द्वारा पैदा की गयी है जिसमें निजी स्वामित्व की प्रधानता है , लेकिन धीरे धीरे उद्योगों का यह ढांचा , जो वृहद कॉर्पोरेशनों के रूप में विकसित हुआ … more →
समाजवादी जनपरिषदअफ़लातून wrote 3 weeks ago: पिछले भाग से आगे : वैसे तो यह औद्योगिक व्यवस्था पूंजीवाद द्वारा पैदा की गयी है जिसमें निजी स्वामित्व … more →
अफ़लातून wrote 3 weeks ago: [ २८ , २९ , ३० अक्टूबर २००९ को धनबाद में समाजवादी जनपरिषद का द्विवार्षिक सम्मेलन सम्पन्न हुआ । सम्मे … more →
अफ़लातून wrote 6 months ago: यह लूट, लालच, भोग की सभ्यता का संकट है। Technorati tags: recession, global economic crisis, sunil, s … more →
अफ़लातून wrote 6 months ago: Technorati tags: प्रजातंत्र, लोकतंत्र, जनतंत्र, धनतंत्र, किशन पटनायक, चुनाव ( जून , २०० … more →
अफ़लातून wrote 7 months ago: प्रेस का यह कर्तव्य होगा कि चुनाव तथा प्रत्याशियों के बारे में निष्पक्ष रिपोर्ट दे । समाचारपत्रों से … more →
अफ़लातून wrote 7 months ago: दीवाल - लेखन नहीं , परचे नहीं , नुक्कड़ सभायें पहले से कहीं कम , इसके बावजूद चुनाव खर्च की ऊपरी स … more →
अफ़लातून wrote 8 months ago: इस सैद्धान्तिक अन्तर्विरोध का हल खोजने की कोशिश में हम एक नये सत्य पर पहुचते हैं । दरअसल पूंजीवाद का … more →
अफ़लातून wrote 8 months ago: पिछले भाग से आगे : जाहिर है लोहिया का यह निष्कर्ष गलत साबित हुआ । पूंजीवाद ज्यादा दीर्घायु और ज्यादा … more →
अफ़लातून wrote 8 months ago: [ लेखक समाजवादी जनपरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा अर्थशास्त्री हैं | डा. राममनोहर लोहिया की प्रसिद्ध … more →
अफ़लातून wrote 8 months ago: लेखक समाजवादी जनपरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा अर्थशास्त्री हैं |डा. राममनोहर लोहिया की प्रसिद्ध पुस … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: स्विस बैंकों में कैद सोने की चिड़िया भारत एक गरीब देश है । अपनी गरीबी का रोना अक्सर हम रोते हैं । … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: स्रोत, साभार : मंगलवार, 30 सितंबर, 2008 को 18:42 GMT तक के समाचार ‘नाजुक दौर में है अमरीकी अर … more →
lahoti wrote 2 years ago: I always wonder if creating umpteen number of SEZs in India a decision of which general public in In … more →