जो होता है भले के लिए होता है ख़ुद को समझने के लिए होता है इंसान की आदत है बदल जाना कि वह बदलने के लिए होता है वक़्त रुका है कब किसके लिए आदतन चलने के लिए होता है सच-झूठ का दुनिया में है हिसाब मुँह पर … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: जो होता है भले के लिए होता है ख़ुद को समझने के लिए होता है इंसान की आदत है बदल जाना कि वह बदलने के ल … more →