भीगी हुई आँखों में तस्वीर तुम्हारी है रूठी हुई हमसे तक़दीर हमारी है मैं दिवाना राहे-इश्क़ का मुसाफ़िर हूँ मेरे पाँव में पड़ी ज़ंजीर तुम्हारी है मैं तेरे लिए अपनी जान तलक दे दूँगा मैं तेरा राँझणा और तू हीर… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 5 months ago: भीगी हुई आँखों में तस्वीर तुम्हारी है रूठी हुई हमसे तक़दीर हमारी है मैं दिवाना राहे-इश्क़ का मुसाफ़िर ह … more →
विनय wrote 6 months ago: What I am what I wanna be Shame shame a big shame on me What I am what I wanna be There’s no l … more →
विनय wrote 1 year ago: तेरी तस्वीर से बातें करता रोज़ मैं पास मेरे जो तेरी कोई तस्वीर होती तुम्हें प्यार बेइंतिहाँ प्यार करत … more →