Blogs about: Chand

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कबीर के दोहे-तारा मंडल की बैठक में चंद्रमा पाता है इज्जत

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि ———————— तारा मण् … more →

Tags: अभिव्यक्ति, आलेख, संस्कार, समाज, साहित्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, dohe, E-patrika

तुम्हारा प्रतिबिंब उतार लेती हूँ19 comments

mehhekk wrote 5 months ago: सावन  के पानी में छप छप करना किसी के मुख मुस्कान वास्ते जानबूझ  कीचड़ में फिसलना वो हर्ष के धब्बे  उ … more →

Tags: Kavita, nabh, sawaan

महसूस कीजिये चाँद यात्रा

Indrajeet wrote 7 months ago: प्रिय पाठकों, ब्लोगिंग की शुरुआत, आज से करीब पाँच साल पहले हुई. तब से आज तक हैरतंगेज तरीके से इसकी व … more →

Tags: Blog, Kavita, Story, Katha, kahani

मन की आशायें 12 comments

mehhekk wrote 7 months ago: मन की आशायें भी बड़ी अजीब होती है शाम ढलते ही नीम तले जाकर खड़ी हो गई सोचती है गर टहनी टूटी तो उसपर … more →

Tags: AASHA, Mind, Neem

दिल जब चाँद बने21 comments

mehhekk wrote 8 months ago:         बड़ी दुविधा में है आज हम | हमारा नाज़ुक सा दिल एक कोने रूठा बैठा है | वजह पूछी रूठने की ,कहत … more →

Tags: दिल जब चाँद बने, chandani, Dil

मुट्ठी भर चाँदनी15 comments

mehhekk wrote 1 year ago: 1.मुट्ठी भर चाँदनी पहेले रोज़ खिड़की पर आता था रात रात हमसे बतियाता था भोर की रश्मि आने पर भी हमे न … more →

Tags: amavas, Blogroll, chandani, Hindi Poem, Kavita, Mehek, mehhekk, mon, Nazm

लफ़्ज़ों का सज़ा कर नगमा 7 comments

mehhekk wrote 1 year ago: त्रिवेणी 1.लफ़्ज़ों का सज़ा कर नगमा हाल-ए-दिल सुनाया उनके लबों की मुस्कान देख समझे हमने उन्हे मनाया … more →

Tags: त्रिवेणी, Kavita, Hindi Poem, PYAR, Mehek, mehhekk, Nagma, Blogroll, TRIVENI

गुलदस्ता - मोहोब्बत का(valentine)16 comments

mehhekk wrote 1 year ago:   गुलदस्ता - मोहोब्बत का [1] फ़िज़ा के रंग कुछ सवरने लगे है हवाओं के रुख़ कुछ बदलने लगे है स … more →

Tags: Valentine Day, Basant, Blogroll, chandani, fiza, Hindi Poem, ishq, Kavita, Love

रुपहली किरनो से सजाया जो आसमान6 comments

mehhekk wrote 1 year ago: रुपहली किरनो से सजाया जो आसमान चाँद के बिन सितारे अधूरे  से लगते  है | समंदर की गहराई में छुपाया जो  … more →

Tags: रुपहली किरनो से, Shayari, mehfil, Kavita, Hindi Poem, Sher, Mehek, mehhekk, Blogroll

देखिए आप हमे चन्दा ना कहलाये3 comments

mehhekk wrote 1 year ago: देखिए आप हमे चन्दा ना कहलाये ये सुनकर आज कल हमसे पहले वो आसमान का चाँद ही शरमाये जो लफ्जे तारीफ आप ह … more →

Tags: Shayari, Kavita, Sher, Mehek, mehhekk, Blogroll, Nazm, nağme, चन्दा ना कहलाये

साथ में हम भी5 comments

mehhekk wrote 1 year ago: 1.जाम पर जाम छलकते रहे आँखों में सपने पनपते रहे मोहोब्बत-ए-महफ़िल सजी रात भर शमा जलती रही तेरा आन … more →

Tags: Shayari, chandani, Kavita, Hindi Poem, PYAR, mohobaat, hum, Sher, Mehek

वही पलाश के फूल लाना तुम 2 comments

mehhekk wrote 1 year ago: वही पलाश के फूल लाना तुम चले जो कभी लहराती हवाये  काया को मृदुसी छुकर  जाये हमारी छुअन का आभास कराये … more →

Tags: वही पलाश के फूल, वही पलाश के फूल लाना, chandani, geet, Hindi Poem, intazaar, ishq, Kavita, Mehek

चँदनी रात है आभी जाओ 3 comments

mehhekk wrote 1 year ago: चँदनी रात है नींबुआ के पीछे छुपा बैठा जो मध्यम मध्यम मुस्कुराता रहता वो मेरे सलोने चाँद से सजना मैं … more →

Tags: चँदनी रात है, Shayari, chandani, Kavita, Hindi Poem, PYAR, Sher, Mehek, Poems

दीदार 1 comment

mehhekk wrote 1 year ago: दीदार खुश है मेरी बन्नो,आज मधुचंद्र की रात सज  सवर कर बैठी है नही करती किसीसे बात कुछ भी कहो ,ग … more →

Tags: दीदार, banno, Blogroll, dulhan, Gulab, Hindi Poem, intazaar, itrana, Kavita


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