बड़ी दुविधा में है आज हम | हमारा नाज़ुक सा दिल एक कोने रूठा बैठा है | वजह पूछी रूठने की ,कहता है उसे ईर्षा हुई है,वो भी खूबसूरत चाँद से | अजी हमारा दिल और ईर्षा तौबा,खूबसूरती से वो इश्क़ ज़रूर… more →
mehekmehhekk wrote 8 months ago: बड़ी दुविधा में है आज हम | हमारा नाज़ुक सा दिल एक कोने रूठा बैठा है | वजह पूछी रूठने की ,कहत … more →
mehhekk wrote 1 year ago: 1.मुट्ठी भर चाँदनी पहेले रोज़ खिड़की पर आता था रात रात हमसे बतियाता था भोर की रश्मि आने पर भी हमे न … more →
mehhekk wrote 1 year ago: गुलदस्ता - मोहोब्बत का [1] फ़िज़ा के रंग कुछ सवरने लगे है हवाओं के रुख़ कुछ बदलने लगे है स … more →
mehhekk wrote 1 year ago: 1.जाम पर जाम छलकते रहे आँखों में सपने पनपते रहे मोहोब्बत-ए-महफ़िल सजी रात भर शमा जलती रही तेरा आन … more →
mehhekk wrote 1 year ago: वही पलाश के फूल लाना तुम चले जो कभी लहराती हवाये काया को मृदुसी छुकर जाये हमारी छुअन का आभास कराये … more →
mehhekk wrote 1 year ago: चँदनी रात है नींबुआ के पीछे छुपा बैठा जो मध्यम मध्यम मुस्कुराता रहता वो मेरे सलोने चाँद से सजना मैं … more →
mehhekk wrote 1 year ago: सावला सलोना रूप लेकर जब आए रात की रानी शामाल से आँचल पर उसके बिखरी हुई सी चँदनी देख कर उसकी शीतलता म … more →