सावला सलोना रूप लेकर जब आए रात की रानी शामाल से आँचल पर उसके बिखरी हुई सी चँदनी देख कर उसकी शीतलता मे मन ही मन मुस्कुराउ सारी दुनिया भूल कर अपने सपनो में खो जाउ सोचती हूँ उस आँचल का चुन कर एक किनारा म… more →
mehhekk wrote 2 years ago: सावला सलोना रूप लेकर जब आए रात की रानी शामाल से आँचल पर उसके बिखरी हुई सी चँदनी देख कर उसकी शीतलता म … more →
Tags: chandani, raat, sapna
Follow this tag via RSS