दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सीखै सुनै विचार ले, ताहि शब्द सुख देय बिना समझै शब्द गहै, कछु न लोहा लेय संत शिरोमणि कबीर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पांच दिन से एक दिन अब क्रिकेट खेल के रह गये बीस ओवर बाजार में देश प्रेम की भावनाओं का भुनाते ख़ूब चल … more →