पिछली पोस्ट में बचपन के कुछ टोटकों/धारणाओं पर लिखा था जिन्हें अब याद करके भी हँसी आती है। टिप्पणियों में एक-दो टोटके और पता चले…शायद ‘जनरेशन गेप’ के चलते हमारे बचपन तक वो विलुप्त हो… more →
इन्द्रधनुषwrote 1 year ago: Jai Maa Sarswati.The day we celebrated in schools and colleges and home with so much faith. While Ha … more →
wrote 1 year ago: बचपन के गुज़रे पल में नादानी होती है, यौवन में कर गुज़रने की मनमानी होती है| समय की धारा को मोड़ न प … more →
wrote 2 years ago: एक दिन सुबह ही अचानक मेरा ध्यान स्कूल जा रहे बच्चों पर पड़ा। यें बच्चे अपने कंधों पर अपने स्कूल बैग … more →
wrote 3 years ago: बचपन, कभी लगता है कि बस अभी ही तो बीता था, और आज भी इतना पास है कि हाथ बढ़ाया और छू लिया, और कभी लगता … more →
wrote 4 years ago: बचपन की एक चोरी मुझे आज भी याद है | मैंने एक रूपया बड़ी दीदी की बॉक्स से चुराया ठा | उस समय का एक … more →
wrote 4 years ago: I still remember my childhood (atleast a substantial portion of it). It was 1988 and I was 8 years o … more →
wrote 5 years ago: पिछली पोस्ट में बचपन के कुछ टोटकों/धारणाओं पर लिखा था जिन्हें अब याद करके भी हँसी आती है। टिप्पणियों … more →
wrote 5 years ago: मान्यता से मतलब संजूबाबा वाली मान्यता से ना लगाइयेगा। मैं बात कर रहा हूं छुटपन की अपने कुछ धारणाओं/व … more →
wrote 5 years ago: मेरे बचपन की ख़ुशबू मेरे साथ ही चलती है कभी मेरे ख़ाब में कभी किताब में मिलती है कभी पतंगों के साथ आ … more →
wrote 5 years ago: मेरे बचपन की ख़ुशबू मेरे साथ ही चलती है कभी मेरे ख़ाब में कभी किताब में मिलती है कभी पतंगों के साथ आ … more →
wrote 6 years ago: पापा, मैंने कभी नहीं चाहा कि मैं आदी हो जाऊँ जबरन प्यार पाने का । पर आपके लाड ने, माँ के दुलार ने या … more →
wrote 6 years ago: पापा, मैंने कभी नहीं चाहा कि मैं आदी हो जाऊँ जबरन प्यार पाने का । पर आपके लाड ने, माँ के दुलार ने या … more →