Blogs about: Chitthajagat
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एक क्लिक से चिट्ठाजगत की श्रेणियां
आज जब 1300 से ज्यादा हिंदी चिट्ठे हैं, हर चिट्ठे को पढ़ पाना मुमकिन नहीं है। फिर य… more »
हिंदी टूलबार - पिटारा
एक क्लिक से चिट्ठाजगत की श्रेणियां
जगदीश भाटिया wrote 4 months ago: आज जब 1300 से ज्यादा हिंदी चिट्ठे हैं, हर … more »
सुनो सबकी करो मन की
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: जिनके पास नही कोई ज्ञान वही पा रहे ज्ञ … more »
रहीम के दोहे:हंसिनी चुनती है केवल मोती
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: मान सहित विष खाप के, संभु भय जगदीश … more »
यह पब्लिक है, सब जानती है
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: हीरो को जन्म दिन हो तो सारे चैनल भौंपू … more »
चाणक्य नीति:निर्धन के लिए सभाएँ विष समान
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: १.प्रत्येक व्यक्ति की दृष्टि अलग-अलग ह … more »
दिल के सोच जैसी होगी दुनिया
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: मन का खोखलापन तन को रुग्ण कर देता हैं व … more »
दिल और दोस्ती
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: हमें पूछा था अपने दिल को बहलाने के लिए … more »
अब चिट्ठों में खोजें धड़ाधड़
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जगदीश भाटिया wrote 6 months ago: क्या आपको यह खोजना है कि आपका चिट्ठा च … more »
कार और साईकिल की टक्कर
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: वह साइकिल पर अपने एक तरफ गैस का छोटा सि … more »
दिल हुआ इधर से उधर
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: अंतरजाल पर एक दूसरे के ब्लोग पर कमेन्ट … more »
हास्य कविता-बीस का नोट पचास में नहीं चलेगा
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: बीस के शेर पचास में ढ़ेर जीतते हैं तो फु … more »
चाणक्य नीति:विवशता में करते हैं भक्ति का नाटक
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: 1.भंवर जब तक कमल दल के बीच रहता है तो … more »
जो सहज वह 'कबीर' जो असहज वह गरीब है
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: भारत में संत कबीर जी का नाम बहुत श्रद् … more »
विवाद से बचने के लिए व्यंजना विधा में लिखें
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दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: हिंदी भाषा में लिखने की तीय विधाएं है … more »
अपनी आभा खोते हुए समाचार चैनल
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: हम भारत के लोग मूलत: सीधे होते हैं इस … more »
चाणक्य नीति: विधा कामधेनु के समान
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दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: 1.क्रोध यमराज के समान है, उसके कारण … more »
चाणक्य नीति:मन की अग्नि अधिक कष्टकारी
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: 1.ऐसा व्यक्ति अविश्वसनीय होता है ज … more »
संत कबीर वाणी:भक्त में अहंकार नहीं होता
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: जब लग नाता जाति का, तब लग भक्ति न होय ना … more »
अपने ही लोगों की वाह-वाही चाहिए
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: लिपि रोमन हो गयी है कॉमन अब इस दुनिया क … more »
