चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है, हमको अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है, बाहज़ारां इज़्तिराब-ओ-सदहज़ारां इश्तियाक, तुझसे वो पहले पहल दिल का लगाना याद है, तुझसे मिलते ही वो कुछ बेबाक हो जाना मेरा, और त… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है, हमको अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है, बाहज़ारां इज़्तिराब-ओ-सदहज़ … more →