हुआ है आज उनका फ़ैसला मेरे ख़िलाफ़ सुनने में आया है न करेंगे मुझे मुआफ़ उस ने एक भी मौक़ा न दिया मुझ को जो उनसे मिलके करते अपना दिल साफ़ आये तो मौत आये उनके सामने सुकूँ से देखें वह रूह से छुटता हुआ मेरा लि… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 7 months ago: हुआ है आज उनका फ़ैसला मेरे ख़िलाफ़ सुनने में आया है न करेंगे मुझे मुआफ़ उस ने एक भी मौक़ा न दिया मुझ को … more →
Praful wrote 7 months ago: All blogger are requested to join against Hunger and Hope. Objective: All you have to do to help end … more →
विनय wrote 1 year ago: कभी यूँ भी होता है ज़िन्दगी मिलती है खो जाती है यह शाम उसकी यादों में मुझको डुबो जाती है नहीं यह मुमक … more →
विनय wrote 2 years ago: एक बार देखा था तुझे हाथों में चिराग़ लिए चौखट पर खड़ी थी चाँद की निगाहें तुझ पर टिकी थीं सारी ज़मीं नव … more →