कहते है खामोशी की होती नहीं जुबान पर यादो के शहर की है ये बाघबान हँसते खिलखिलाते लम्हों की सुनाती दास्तान और आखो के आसुओं की देती येः बयान कल आज और कल ये सब में है विध्यमान ये ना सुने किसी की और ना द… more →
Pallav001's Weblogpallav001 wrote 2 months ago: कहते है खामोशी की होती नहीं जुबान पर यादो के शहर की है ये बाघबान हँसते खिलखिलाते लम्हों की सुनाती द … more →
umennet wrote 2 months ago: कल अचानक एक पुराने मित्र को फेसबुक मे पाया, फिर उस से फोन पर देर तक बातें की . . . स्कूल के दीनो की … more →
pallav001 wrote 3 months ago: A breeze that touched my soul The words that I couldn’t hold So warm, so fresh, that i still … more →
pallav001 wrote 4 months ago: This one is special to me as this one was made in train, when our group was leaving for home and we … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 7 months ago: विद्यार्थियों के सामने ऐसी नौबत कई बार आती है कि आपको पहले से पता होता है कि इस एक्जाम में आप पहले … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 7 months ago: फादर ने बनवा दिये तीन कोट¸ छै पैंट¸ लल्लू मेरा बन गया कालिज स्टूडैंट। कालिज स्टूडैंट¸ हुए होस्टल में … more →