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Blogs about: Communist

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चुनाव, राजनीतिक दल और बुद्धिजीवी

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: हमने लिखा था कि वर्तमान संसदीय प्रणाली द्वारा मजदूर वर्ग कभी सत्ता प्राप्त नहीं कर सकता. लेकिन इसका … more →

Tags: आह्वान, एंगेल्स, कम्युनिस्ट, क्रांति, पूंजीवादी संकट, बुर्जुआ लोकतंत्र, मार्क्सवाद, समाजवाद, सर्वहारा

गोरखपुर और गुडगाँव के मजदूरों का दमन और बुद्धिजीवी वर्ग की चुप्पी 4 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: एक तरफ तो उत्तर प्रदेश की सरकार ‘सर्वजन हिताय’ होने का दावा करती है लेकिन दूसरी और इस सर … more →

Tags: आंदोलन, आतंकवाद, आह्वान, उदारीकरण, कम्युनिस्ट, क्रांति, दायित्वबोध, पूंजीवादी संकट, ललकार

बिना पिये ही बहक गये प्रचंड । (व्यंग्य/कार्टून)3 comments

K M Mishra wrote 4 months ago: =;भारत और अमेरिका ने बनायी थी नेपाल के रास्ते चीन पर हमले की योजना । =>हिक्क ! कहो भाई प्रचंड, जर … more →

Tags: hasya -vyangya, Humor, Cartoon, भारत, युद्ध, Comedy, maoist, Naxalist, corruption

सांप को दूध पिलाने वाले (व्यंग्य/कार्टून)8 comments

K M Mishra wrote 5 months ago: =>मेरे बच्चों,   अब मैं तुमको और दूध नहीं पिला सकता । केन्द्र सरकार की बुरी नज़र अब मेरे तबेले पर … more →

Tags: hasya -vyangya, हिन्दी हास्य व्यंग्, राजनैतिक विसंगतियों, भ्रष्टाचार, राष्ट्रीय, कार्टून, Humor, Cartoon, पाकिस्तान

आज के किसान का चरित्र - हमारी पहुँच - कुछ और स्पष्टता

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: “कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर … की टिप्पणियों के प्र … more →

Tags: आंदोलन, कम्युनिस्ट, क्रांति, समाजवाद, सर्वहारा, वर्ग चेतना, इन्कलाब, क्रांतिकारी, जनवादी

"कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर …की टिप्पणियों के प्रत्युत्तर में5 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: इस पोस्ट से सम्बंधित प्राप्त टिप्पणियों के पश्चात् यह ज़रूरी हो गया है कि इस विषय पर वाद-विवाद जारी … more →

Tags: दायित्वबोध, प्रतिबद्ध, लेनिन, आह्वान, आंदोलन, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन

नक्सलबाड़ी और उत्तरवर्ती चार दशक-4

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: एजेण्डा पर कम्युनिस्ट क्रान्तिकारियों की एकता का सवाल : एक सर्वभारतीय पार्टी के गठन की ओर नक्सलबाड़ी … more →

Tags: क्रांति, आह्वान, आंदोलन, कम्युनिस्ट, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, आतंकवाद, विरासत, Maoism

नक्सलबाड़ी और उत्तरवर्ती चार दशक-32 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: तैयार होती ज़मीन, वह ऐतिहासिक विस्फोट और उसके बाद नवम्बर, 1964 में जब कलकत्ता के त्यागराज हॉल में पा … more →

Tags: क्रांति, आह्वान, आंदोलन, कम्युनिस्ट, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, आतंकवाद, विरासत, Maoism

नक्सलबाड़ी और उत्तरवर्ती चार दशक-2

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: निकट अतीत की पृष्ठभूमि : नक्सलबाड़ी-पूर्व दो दशकों के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट आन्दोलन नक्सलबाड़ी में क … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद

नक्सलबाड़ी और उत्तरवर्ती चार दशक-1

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: एक सिंहावलोकन -दीपायन बोस कुछ चीज़ें धकेल दी गयी हैं अँधेरे में उन्हें बाहर लाना है, जड़ों तक जाना है … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद

मार्क्स-एंगेल्स द्वारा लिखित ‘कम्युनिस्ट पार्टी का घोषणापत्र’ पर डेविड रियाज़ानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां/बुर्जुआ और सर्वहारा-8. पूंजीवाद का क्रांतिकारी चरित्र व 9. पुरे विश्व में पूंजीवाद का विस्तार

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: 8. पूंजीवाद का क्रांतिकारी चरित्र “जब तक हस्तशिल्प और मैन्युफैक्चर सामाजिक उत्पादन के सामान्य … more →

Tags: क्रांति, पुस्तकें, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, उत्पादक शक्तियां

मज़दूर साथियो! असली और नकली कम्युनिज्म में फ़र्क करना सीखो!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: संशोधनवाद और मार्क्सवाद : बुनियादी फ़र्क भाकपा, माकपा और भाकपा (मा-ले) जैसी पार्टियों का नकली कम्युन … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, कम्युनिस्ट, मार्क्सवाद, Maoism, Marxism, एंगेल्स, Karl Marx, वर्ग चेतना

मार्क्स-एंगेल्स द्वारा लिखित 'कम्युनिस्ट पार्टी का घोषणापत्र' पर डेविड रियाज़ानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां/बुर्जुआ और सर्वहारा-6. बुर्जुआ वर्ग का राजनितिक विकास

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: 6. बुर्जुआ वर्ग का राजनितिक विकास यहाँ पर लेखकों का मंतव्य सर्वप्रथम और प्रमुख रूप से फ्रांसीसी बुर् … more →

Tags: क्रांति, पुस्तकें, आंदोलन, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, विरासत

मार्क्स-एंगेल्स द्वारा लिखित 'कम्युनिस्ट पार्टी का घोषणापत्र' पर डेविड रियाज़ानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां/बुर्जुआ और सर्वहारा-5. औद्योगिक क्रांति और मशीन से उत्पादन का विकास

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: 5. औद्योगिक क्रांति और मशीन से उत्पादन का विकास अठारहवीं शताब्दी के अंत में नयी मशीनों के आविष्कार स … more →

Tags: क्रांति, पुस्तकें, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, विरासत

मार्क्स-एंगेल्स द्वारा लिखित 'कम्युनिस्ट पार्टी का घोषणापत्र' पर डेविड रियाज़ानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां/बुर्जुआ और सर्वहारा-4. मैन्युफैक्चर

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: ['कम्यूनिस्ट घोषणापत्र' पर राजनीतिशास्त्र के कई विद्वानों ने व्याख्याएँ और टिप्पणियां लिखी हैं. इनमे … more →

Tags: क्रांति, पुस्तकें, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, विरासत, उत्पादक शक्तियां

मार्क्स-एंगेल्स द्वारा लिखित 'कम्युनिस्ट पार्टी का घोषणापत्र' पर डेविड रियाज़ानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां/बुर्जुआ और सर्वहारा-3. मध्ययुगीन अर्थव्यवस्था का ह्नास, भूगोलिक खोजों का युग और विश्व-बाज़ार की शुरुआत

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: 3. मध्ययुगीन अर्थव्यवस्था का ह्नास, भूगोलिक खोजों का युग और विश्व-बाज़ार की शुरुआत पंद्रहवीं शताब्दी … more →

Tags: पुस्तकें, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, विरासत, उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध

मार्क्स-एंगेल्स द्वारा लिखित 'कम्युनिस्ट पार्टी का घोषणापत्र' पर डेविड रियाज़ानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां/बुर्जुआ और सर्वहारा-2. हेक्स्टहाउज़ेन, मॉरेर और मॉर्गन

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: 2. हेक्स्टहाउज़ेन, मॉरेर और मॉर्गन कम्युनिस्ट पार्टी के घोषणापत्र के बाद के संस्करणों में एंगेल्स (18 … more →

Tags: क्रांति, पुस्तकें, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, विरासत

मार्क्स-एंगेल्स द्वारा लिखित 'कम्युनिस्ट पार्टी का घोषणापत्र' पर डेविड रियाज़ानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां/बुर्जुआ और सर्वहारा-1. 1847 में कम्युनिस्टों को सताया जाना

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: 1. 1847 में कम्युनिस्टों को सताया जाना वर्ष 1846 में पोप के पद पर चुनाव के समय पायस नौवां स्वयं को उ … more →

Tags: क्रांति, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, विरासत, उत्पादक शक्तियां

'बिगुल' लक्ष्य और स्वरूप पर बहस

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: power of the working people नई समाजवादी क्रान्ति के उद्घोषक ‘बिगुल’ से सम्बंधित 72 पन्नो … more →

Tags: बिगुल, प्रतिबद्ध, लेनिन, क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा


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