जून का पहला सप्ताह बीत गया लेकिन गड्ढा प्रतियोगिता पर कोई प्रविष्टि प्राप्त नहीं हुई। आप सभी नर नारी लाज और झिझक छोड़ें और प्रविष्टियाँ मुझे ई मेल girijeshrao@gmail.com करें। मैं प्रतिज्ञा करता हूँ … more →
एक आलसी का चिठ्ठाGirijesh Rao wrote 1 month ago: जून का पहला सप्ताह बीत गया लेकिन गड्ढा प्रतियोगिता पर कोई प्रविष्टि प्राप्त नहीं हुई। आप सभी नर ना … more →
Girijesh Rao wrote 1 month ago: पूर्ववर्ती लेख वह गढ्ढा , वह गढ्ढा: कहानी में ट्विस्ट पश्चिम में एक दार्शनिक हुए थे - विट्गेंस्टी … more →
योगेन्द्र wrote 2 months ago: जिजीविषा प्राणीमात्र की सहज वृत्ति है, किंतु आत्महत्या कदाचित् मनुष्य की विशिष्टता है । आत्महत्या दी … more →
विनय wrote 1 year ago: इश्क़ क्या हमको मारेगा, हम इश्क़ को मारेंगे अब तलक क्या हारे हैं उससे, जो अब हारेंगे जाओ कह दो शायरे-म … more →