मुझसे मिलने के वो करता था बहाने कितने, अब गुजारेगा मेरे साथ ज़माने कितने, मैं गिरा था तो बहुत लोग रुके थे लेकिन, सोचता हूँ मुझे आए थे उठाने कितने, जिस तरह मैंने तुझे अपना बना रखा है, सोचते होंगे यही ब… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: मुझसे मिलने के वो करता था बहाने कितने, अब गुजारेगा मेरे साथ ज़माने कितने, मैं गिरा था तो बहुत लोग रु … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: हम तो हैं परदेस में देश में निकला होगा चाँद, अपनी रात की छत पर कितना तन्हा होगा चाँद, जिन आंखों में … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: दिल के उजले कागज़ पर हम कैसा गीत लिखें, बोलो तुमको गैर लिखें या अपना मीत लिखें, नीले अम्बर की अंगनाई … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: गम मुझे हसरत मुझे वहशत मुझे सौदा मुझे, एक दिल देकर खुदा ने दे दिया क्या क्या मुझे, ये नमाज-ऐ-इश्क है … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: वो दिल ही क्या तेरे मिलने की जो दुआ न करे, मैं तुझको भूल के जिंदा रहूँ खुदा न करे, रहेगा साथ तेरा प् … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए है, जिंदा तो है जीने की अदा भूल गए है, हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए है, खुश … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: इश्क क्या है, इश्क इबादत, इश्क है इमान, इश्क जगाये, पत्थर में भी, दिल में हो, जैसे अरमा, इश्क में मर … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: हर घड़ी ख़ुद से उलझना है मुकदर मेरा, मैं ही कश्ती हूँ मुझी मे है समंदर मेरा, एक से हो गए मौसम्हो के … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: मेरे दरवाज़े से अब चाँद को रुकसत कर दो, साथ आया है तुम्हारे जो तुम्हारे घर से, अपने माथे से हटा दो ये … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: Lyrics: <a href=”http://jagjitsingh.wordpress.com/2007/10/27/jawab-jinka-nahin/” targ … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: बहुत खूबसूरत है, आँखे तुम्हारी, अगर हो इनयात, ऐ जाने मोहब्बत, गारा देगी ये दिल को, किस्मत हमारी, जो … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: यूं तो गुज़र रहा है, हर इक पल खुशी के साथ, फिर भी कोई कमी सी है, क्यों ज़िंदगी के साथ, रिश्ते वफाये द … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: रात खामोश है चाँद मदहोश है, थाम लेना मुझे जा रहा होश है, मिलन की दास्ताँ धडकनों की जुबान, गा रही है … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: यह किसका तस्सवूर है, यह किसका फ़साना है, जो अश्क है आखों में तस्बीह का दाना है, जो उन पे गुज़रती है, … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: गुम सुम ये जहाँ है, हमदम तू कहाँ है, गम्ज़दा हो गई, ज़िंदगी आ भी जा, रात बैठी है बाहे पसारे, सिस्किया … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: यूँ तो जाते हुए मैंने उसे रोका भी नही, प्यार उस से न रहा हो मुझे, ऐसा भी नही, मुझको मंजिल की कोई फ़िक … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: तेरी आँखों से ही जागे सोये हम कब तक आखिर तेरे ग़म को रोये हम वक्त का मरहम ज़ख़्मों को भर देता है , श … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: हम भी शराबी तुम भी शराबी! छलके गुलाबी छलके गुलाबी! तक़दीर दिल की खाना खराबी !! जब तक है जीना खुष होके … more →