जो मुझको जानते हैं ज़रा कम जानते हैं जो नहीं जानते हैं ज़रा ज़्यादा जानते हैं जो … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय प्रजापति wrote 1 month ago: जो मुझको जानते हैं ज़रा कम जानते हैं जो … more →
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: नामंज़ूर थी पेशकश तुम्हें दिल की कैसे द … more →