मुझ में जो कुछ अच्छा है सब उसका है, मेरा जितना चर्चा है सब उसका है, उसका मेरा रिश्ता बड़ा पुराना है, मैंने जो कुछ सोचा है सब उसका है, मेरे आँखें उसकी नूर से रोशन है, मैंने जो कुछ देखा है सब उसका है, म… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: मुझ में जो कुछ अच्छा है सब उसका है, मेरा जितना चर्चा है सब उसका है, उसका मेरा रिश्ता बड़ा पुराना है, … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: कभी आंसू कभी खुशी बेची, हम गरीबो ने बेकसी बेची, चाँद साँसे खरीदने के लिए, रोज़ थोडी सी ज़िंदगी बेची, … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: आज के दौर में, ऐ दोस्त, ये मंजर क्यूं है, ज़ख्म हर सर पे, हर इक हाथ में, पत्थर क्यूं है, जब हकीकत है, … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: माँ सुनाओ मुझे वो कहानी, जिसमे राजा न हो न हो रानी, जो हमारी तुम्हारी कथा हो, जो सभी के ह्रदय की गाथ … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: वो रुलाकर हंस न पाया देर तक, जब मैं रो कर मुस्कुराया देर तक, भूलना चाहा अगर उसको कभी, और भी वो याद आ … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: अपने चेहरे से जो जाहिर है, छुपाये कैसे, तेरी मरजी के मुताबिक नज़र आए कैसे, घर सजाने का तसबुर तो बहुत … more →