अजब अपना हाल होता जो विसाल-ए-यार होता कभी जान सदक़े होती कभी दिल निछार होता कोई फ़ितना था क़यामत ना फिर आशकार होता तेरे दिल पे काश ज़ालिम मुझे इख़्तियार होता जो तुम्हारी तरह तुम से कोई झूठे वादे करता तुम्ह… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: अजब अपना हाल होता जो विसाल-ए-यार होता कभी जान सदक़े होती कभी दिल निछार होता कोई फ़ितना था क़यामत ना फिर … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: दिल को क्या हो गया ख़ुदा जाने, क्यों है ऐसा उदास क्या जाने, कह दिया मैने हाल-ए-दिल अपना, इस को तुम ज … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: अजब अपना हाल होता जो विसाल-ए-यार होता, कभी जान सदक़े होती कभी दिल निसार होता, ना मज़ा है दुश्मनी में … more →