जाने कहाँ खो गयी है शक्ति धैर्य विवेक की, ना कामना जीवन की है ना मृत्यु के अभिषेक की, जीवन की इस रुग्ड़ता से व्यथित हो गया घोर मैं, सूझता नहीं लक्ष्य को लक्षित करूं किस ओर मैं, सोचता हूँ की क्या मैं भ… more →
ApurnShubhashish Pandey wrote 1 year ago: जाने कहाँ खो गयी है शक्ति धैर्य विवेक की, ना कामना जीवन की है ना मृत्यु के अभिषेक की, जीवन की इस रुग … more →