Lost your password?

Blogs about: Dashboard

Featured Blog

असली नकली पुरस्कार-हिंदी हास्य व्यंग्य (hindi comedy satire on prize)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: समाज सेवाध्यक्ष जी ने अपनी बाहें टेबल पर टिकाई अपना मूंह हथेलियों पर रखने को बाद अपने सात सभासदों की … more →

Tags: arebic, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आलेख, इनाम, चिन्तन, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, भाषा

किसी को रात डराती,किसी को दिन-हिन्दी शायरी (din aur raat-hindi shayri)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: हमने देखा था उगता सूरज उन्होने देखा डूबता हुआ वह कर रहे थे चंद्रमा की रौशनी में जश्न मनाने की तैयारी … more →

Tags: अभिव्यक्ति, कला, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य कविता, समाज, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

बासी खबर में उबाल-हिंदी व्यंग्य कविता (basi khabar men ubal-hindi vyangya kavita)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अखबार में छपी हर खबर पुरानी नहीं हो जाती है। कहीं धर्म तो कहीं भाषा और जाति के झगड़ों में फंसे इंसानी … more →

Tags: अभिव्यक्ति, कला, कविता, क्षणिका, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, समाज, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

हिंदी दिवस:व्यंग्य कवितायें व आलेख (Hindi divas-vyangya kavitaen aur lekh)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: लो आ गया हिन्दी दिवस नारे लगाने वाले जुट गये हैं। हिंदी गरीबों की भाषा है यह सच लगता है क्योंकि वह भ … more →

Tags: अभिव्यक्ति, कला, कविता, दीपक भारतदीप, मस्तराम, मातृभाषा, समाज, सूचना, हिन्दी

पिंजर से बाहर झांकता ज्ञान-आलेख चिंत्तन

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: उनके चेहरे पर बटन की तरह टंगी आंखें कपड़े और किताबों के पिंजर से बाहर झांकती दिखती है। ऐसा लगता है कि … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, हास्य व्यंग्य, darshan, Deepak bharatdeep, epatrika, hindi megzine, hindi patrika

भारत के शिक्षित लोगों का बौद्धिक अंतर्द्वंद्व -आलेख

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: भारत का शिक्षित वर्ग हमेशा ही मानसिक द्वंद्व में फंसा दिखता है जो पश्चात्य सभ्यता के समर्थन और विरोध … more →

Tags: आलेख, कथा साहित्य, दीपक भारतदीप, व्यंग्य, शब्द, हिंदी, हिंदी कविता, हिंदी पत्रिका, हिंदी साहित्य

पैसे के साथ इश्क में भी आ सकता है मंदी का दौर - हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: क्वीसलैंड यूनिवर्सटी आफ टैक्लनालाजी के प्रोफेसर कि अनुसार इस मंदी के दौर में लोगों के दाम्पत्य जीवन … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, मस्तराम, व्यंग्य, हास्य व्यंग्य, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Deepak bapu

लड़की, लड़का और गिरगिट की नज़र-हास्य व्यंग्य1 comment

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: शाम का समय था और उन शराब के नशे में धुत उन दोनों लड़कों में एक ने राह पर अकेले जा रही उस लड़की का हा … more →

Tags: कला, मस्तराम, व्यंग्य चिंतन, हंसना, हास्य व्यंग्य, bharat, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika

बाजार से धर्म बना या धर्म से बाजार-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: धर्म यानि क्या? आप भारतीय पौराणिक ग्रंथों को अगर पढ़ते हैं तो उसका सीधा आशय आचरण से है पर उनमें किसी … more →

Tags: कला, मस्तराम, व्यंग्य, हिन्दी पत्रिका, Blogroll, Deepak bharatdeep, E-patrika, hindi internet, hindi jagran

समाज, संस्कार और संस्कृति की रक्षा का प्रश्न-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: हम अक्सर अपने संस्कार और संस्कृति के संपन्न होने की बात करते हैं। कई बार आधुनिकता से अपने संस्कार और … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, व्यंग्य, समाज, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Deepak bapu, E-patrika

बड़ा कौन, कलम कि जूता-हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: देश के बुद्धिजीवियों का एक गोलमेज सम्मेलन बुलाया गया था। गोलमेज सम्मेलन का विषय था कि ‘जूता बड़ा कि … more →

Tags: Blogroll, writing, inglish, संपादकीय, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति, India, हास्य व्यंग्य, अनुभूति

रहीम संदेशःहंस के समान मानसिक रूप से दृढ़ होना चाहिए

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सरवर के खग एक से, बाढ़त प्रीति न धीम पै मराल को मानसर, एकै ठौर रहीम अधिकतर पक्षी एक समान होते हैं। उ … more →

Tags: Hindi Education, Hindi knowledge, Hindi writing, India, hindi bharat, web duniya, Hindi book, hindi adhyatm, hindi thinking

मनुस्मृति:ढोंगी आदमी को पानी भी न पिलायें 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: न वार्यपि प्रयचछत्तु बैडालव्रतिके द्विजे न बकव्रतिके विप्रे नावेदविदि धर्मवित् धार्मिक वृत्ति के लोग … more →

Tags: Blogroll, Hindi Darshan, Hindu darshan, bharat, hindu dharm, web duniya, hindi adhyatm, hindi life, hindi megzine

महिला जाग्रति के लिए-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: प्रदूषण पर आयोजित कार्यक्रम में वह विद्वान बोल रहे थे ”घर से कितना भी सजकर सड़क पर खुले में जा … more →

Tags: Blogroll, Hindi Poem, hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi megzine, Deepak bharatdeep, hindi bhasakar

कुछ न पढा, रौनक है चेहरे पर इसलिए-हास्य कविता3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: निकले सुबह अपने घर से धोती-कुर्ता और टोपी पहने रास्ते में जो भी मिलता यह कहता ”दीपक बापू क्या … more →

Tags: Blogroll, hindi Personal, Hindi friends, hindi kavita, Hindi Poem, hasya vyangy, Hindi hasya, Hindi writing, bharat

विदुर नीति-अपराधी की संगत करने पर भी सजा मिल जाती है

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: नीति विशारद विदुर महाराज कहते है कि अस्तयागात् पापकृतामापापांस्तुल्यो दण्डः स्पृशते मिश्रभावात्। शुष … more →

Tags: hindi Personal, Hindi Education, Hindi knowledge, Hindu darshan, Hindu culture, web duniya, Hindi vews, hindi adhyatm, hindi megzine

संत कबीर के दोहे: भक्ति और ध्यान एकांत में करें

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: चर्चा करु तब चौहटे, ज्ञान करो तब दोय ध्यान करो तब एकिला, और न दूजा कोय संत श्री कबीरदास जी का कथन है … more →

Tags: hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine, Deepak bharatdeep, Deepak bapu, hindi bhasakar

दोनों ब्लॉग ज़ब्त होना चिंता का विषय नहीं-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: दूसरे का मामला हो तो दिलचस्प हो जाता है पर जब स्वयं उससे जुड़े हों तो चिंताजनक लगता है। यही इस लेखक क … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, संपादकीय, Blogging, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika, Hindi Blog

मनुस्मृति-अपशब्द का उत्तर अपशब्द से न दें

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: अध्यात्मरतिरासीनो निरपेक्षो निरामिषः आत्मनैव सहायेन सुखार्थी विचरेदिह हिंदी में भावार्थ-अध्यात्म विष … more →

Tags: inglish, हिन्दी, आध्यात्म, धर्म, अभिव्यक्ति, Internet, online jurnalism, Culture, मातृभाषा


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS