Blogs about: Deepak Bharatdeep

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गुलामी अब भी चालू है-हिन्दी हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago:              ब्रिटेन के राजघराने की उनके देश में ही इतनी इज्जत नहीं है जितना हमारे देश के प्रचार माध … more →

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प्रचारक महाराज का तंत्र-हिन्दी हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago:           प्रचारक महाराज ने अपने सचिव से कहा-‘यह बताओ, इस बार अपने प्रचार तंत्र से आय कम होने का कार … more →

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पतंजलि योग विज्ञान-काम के परिणाम से ज्ञान हो जाता है

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago:                आमतौर से आधुनिक विज्ञापन ज्योतिष तथा मनुष्यों की सिद्धि पर विश्वास नही करता पर पतंजलि … more →

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सामवेद से संदेश-अच्छा काम करने के लिये सत्य ही शस्त्र

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago:             अंग्रेज विद्वान जार्ज बर्नाड शॉ के अनुसार बिना बेईमानी के कोई भी धनी नहीं हो सकता। हमारे … more →

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भारतीय योग संस्थान के प्रांतीय शिविरों में सीखने का मौका मिलता है-विशिष्ट हिन्दी रविवारीय लेख

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago:      जब कभी भारतीय योग संस्थान के विशेष शिविरों में जाने का अवसर मिलता है तब हमें यह देखकर प्रसन्नता … more →

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धनी लोग गरीब और मजदूर की रक्षा न कर अपने लिए खतरे को दावत न दें-मजदूर दिवस पर विशेष हिंदी लेख

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago:          1 मई को मजदूर दिवस पूरे विश्व में बनाया जाता है। भारत में कार्ल मार्क्स के अनुयायी इससे सार … more →

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कुछ क्रिकेट कुछ फिल्म-हिंदी व्यंग्य चिंत्तन

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago:       कुछ लोग अक्सर यह सवाल करते हैं कि ‘आप कंप्यूटर पर इतना कैसे लिख लेते हैं? हमें कोई इसका जवाब न … more →

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बाज़ार जो बुलवाए-हिंदी व्यंग्य चिंत्तन

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago:             यह हैरानी की बात है कि दिल्ली में एक युवती के साथ सामुहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की … more →

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देश की मनोदशा पर विचार करना जरूरी-हिंदी लेख

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago:         न्यायविदों, सामाजिक चिंत्तकों और सेवकों के लिये छोटी आयु की बच्चियों के साथ कुकर्म की बढ़ती घ … more →

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कौटिल्य का अर्थशास्त्र-राजकर्म के लिये शास्त्र का ज्ञान जरूरी

दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago:            मूलतः हर मनुष्य में दूसरे पर शासन करने की प्रवृत्ति होती है जो अंततः अहंकार की अग्नि से प … more →

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भारतीय अध्यात्मिक संदेश-छह दुर्गुण आदमी की आयु को क्षय करते हैं

दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago:            भारतीय दर्शन के अनुसर प्रकृति आधार पर  मनुष्य की आयु सौ वर्ष निर्धारित है।  ऐसे में यह प् … more →

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बड़े बोल-हिंदी कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: बड़े बोल अपने ही जाल में फंसा देते हैं, जो बोले वह रोए बाकी जग को हंसा देते हैं। कहें दीपक बापू प्राण … more →

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पैसा कभी ठंड तो कभी गर्मी पैदा करता है-हिन्दी व्यंग्य चिंत्तन

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago:                आजकल भारत में बेमौसम क्रिकेट मैच के आयोजन हो रहे हैं।  पहले जब भारत में कोई विदेशी क् … more →

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बाज़ार में बिकते सपनों के सौदे-विडियो पर चर्चा

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: सपनों का सौदा और बाज़ार-हिन्दी कविताhttp://youtu.be/xVyay7jtBqA … more →

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चाणक्य नीति-मान और सजा देने में सक्षम व्यक्ति ही लोकप्रिय बनता है

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago:                 कहा जाता है कि फिट है वही हिट है। दरअसल भौतिक उपलब्धियों के लिये जुटा इंसान न तो अपन … more →

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कौटिल्य का अर्थशास्त्र-अपना सम्मान बढ़ाने के लिये पाखंड करना अनुचित1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago:          आधुनिक समाज में प्रचार तंत्र का बोलबाला है। फिल्म हो या टीवी इनमें अपना चेहरा देखने और दिखा … more →

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इन्टरनेट पर वीडियो जारी करने का रोचक दिलचस्प अनुभव-हिंदी लेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: वीडियो जारी करना एक रोचक अनुभव-हिन्दी लेख … more →

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वीडियो पर हिंदी व्यंग्य प्रस्तुत करने का एक प्रयास

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: वीडिओ पर व्यंग्य कविता प्रस्तुत करने का प्रयास http://youtu.be/4HN16j3CN0Q … more →

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वीडियो पर प्रयोग के लिए एक चर्चा का एकल प्रयास

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: वीडियो पर प्रयोग के लिए एक चर्चा का एकल प्रयास http://youtu.be/D1ev-ZO6FCI … more →

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