नन्हे से दीपक में सजाई बाती रौशनी चारों तरफ,निखरी हुई ज्योति हर पल तप तप कर तुम हो जाना प्रखर दीप तुम जलते रहना यूही निरंतर | अंधेरी गलियों में जो हम भटक जाए तेरे उजियारे से मन की प्रज्वलित हो आशायें … more →
mehekVision Raval wrote 7 months ago: … more →
Chandan Banerjee wrote 1 year ago: … more →
mehhekk wrote 1 year ago: नन्हे से दीपक में सजाई बाती रौशनी चारों तरफ,निखरी हुई ज्योति हर पल तप तप कर तुम हो जाना प्रखर दीप तु … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हम तुम अलग अलग दो तन एक मन बाहों में ये कंपन हमारी तुम्हारी बढ़ती धड़कन हम फूल तुम खुशबू इन फ़िज़ा … more →
mehhekk wrote 1 year ago: काजल दीपक की बाती पर जल कर आग की तपिश में पीघल कर खुदको बनाया और सवारा हमने काला रंग है कह कह कर हमे … more →