“पहली तारीख है जी पहली तारीख है । खुश है जमाना आज पहली तारीख है । …” ये बोल हैं किसी बहुत पुराने सिनेमा के गाने के हैं, कुछ सही कुछ गलत जैसा मुझे याद है । न मैंने वह फिल्म देखी और न ही उसकी कहान… more →
इंडिया बनाम भारतयोगेन्द्र wrote 1 day ago: “पहली तारीख है जी पहली तारीख है । खुश है जमाना आज पहली तारीख है । …” ये बोल हैं किसी बहुत पुरा … more →
योगेन्द्र wrote 1 month ago: काफी जद्दोजेहद के बाद अंततः केंद्र की सरकार गठित हो ही गयी । पिछली बार की तरह इस बार भी कांग्रेस पार … more →
Girijesh Rao wrote 1 month ago: .. तेल का जैसा प्रयोग आप अपनी धुरखेल पार्टी में देखने के अभ्यस्त हैं, वैसा भाग-जा पार्टी में नहीं हो … more →
Girijesh Rao wrote 1 month ago: डिनर के बाद जब महारानी मोनियो अगले दिन के विभिन्न अवसरों पर बोलने के लिए लिखी हुई बातों को याद करने, … more →
योगेन्द्र wrote 1 month ago: इस समय समाचार माध्यम एक ताजे खबर की बात कर रहे हैं (देखें समाचारपत्र ‘हिंदुस्तान’, 21 मई) । उनके अन … more →
Girijesh Rao wrote 1 month ago: प्रारम्भ में ही स्पष्ट कर दूँ कि राजमहल में मेरा कोई आना जाना नहीं है. मैं आप ही की तरह राजमहल के पा … more →
योगेन्द्र wrote 1 month ago: आगामी लोकसभा के लिए आयोजित करीब एक मास के मतदान कार्यक्रम के बाद अंततः चुनाव प्रक्रिया का अंतिम चरण … more →
Girijesh Rao wrote 2 months ago: (अ)बात उस समय की है जब ए टी एम नए नए लगने प्रारम्भ हुए थे. एक समाचारपत्र में किसी आम व्यक्ति की प्रत … more →
योगेन्द्र wrote 2 months ago: अपने देश में इस समय १५वीं लोकसभा के चुनाव हो रहे हैं । मुझे ये चुनाव अन्य वर्षों की तुलना में कई मान … more →
Girijesh Rao wrote 2 months ago: यस्यास्ति वित्तं स नरः कुलीनः स पण्डितः स श्रुतवान् गुणज्ञः ।स एव वक्ता स च दर्शनीयः सर्वे गुणाः काञ … more →
योगेन्द्र wrote 2 months ago: परसों, यानी १८ अप्रैल के दिन, मतदान का पहला चरण संपन्न हो गया । मेरे शहर के निर्वाचन क्षेत्र में भी … more →
Girijesh Rao wrote 2 months ago: पंचवर्षीय कर्मकाण्ड का प्रथम चरण संपन्न हुआ. ढेर सारे आडम्बर हुए:- अभिनेताओं ने जनता से अपील की – वो … more →
योगेन्द्र wrote 2 months ago: आजकल अखबारों और इलेक्ट्रानिक संचार माध्यमों पर दिखाये जा रहे विज्ञापनों तथा परिचर्चाओं आदि के द्वारा … more →
अफ़लातून wrote 2 months ago: ” हम एक अरसे से इस बात को मानने के आदी बन गये हैं कि आम जनता को सत्ता या हुकूमत सिर्फ़ धारासभाओ … more →
योगेन्द्र wrote 2 months ago: मुझे उन लोगों से ईर्ष्या होती है जो यह मानते हैं कि हमारी डिमॉक्रेसी ‘मैच्योर’ हो रही है, राजनैतिक द … more →
अफ़लातून wrote 3 months ago: दीवाल - लेखन नहीं , परचे नहीं , नुक्कड़ सभायें पहले से कहीं कम , इसके बावजूद चुनाव खर्च की ऊपरी स … more →
योगेन्द्र wrote 3 months ago: मैं समाचार माध्यमों पर सुनता आ रहा हूं कि लोगों को मतदान करने का लोकतांत्रिक अधिकार मिला है, जिसका उ … more →
योगेन्द्र wrote 4 months ago: (१० फरवरी, २००९ की पोस्ट से आगे) लोकतांत्रिक शासन-पद्धति की शुरुआत निःसंदेह मतदान से होती है । हमारे … more →
योगेन्द्र wrote 4 months ago: (पिछली पोस्ट, १७ जनवरी, के आगे) विगत पोस्टों में मैंने लोकतंत्र (जिसे गणतंत्र, जनतंत्र, और प्रजातंत् … more →