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लोकलुभावन वायदों वाला भारतीय रेलवे बजट 2009 और सम्मोहित जनता

योगेन्द्र wrote 1 day ago: “पहली तारीख है जी पहली तारीख है । खुश है जमाना आज पहली तारीख है । …” ये बोल हैं किसी बहुत पुरा … more →

Tags: जनतंत्र, भारत, राजनीति, लोकतंत्र, शासन, Government, India, Politics, नॉनस्टाप गाड़ी

नवगठित केंद्रीय सरकार - यूपीए (संप्रग) की या कांग्रेस की?1 comment

योगेन्द्र wrote 1 month ago: काफी जद्दोजेहद के बाद अंततः केंद्र की सरकार गठित हो ही गयी । पिछली बार की तरह इस बार भी कांग्रेस पार … more →

Tags: गणतंत्र, राजनीति, लोकतंत्र, सरकार, Government, गठबंधन सरकार, मंत्रीपरिषद्, लोकसभा, संप्रग

राजमहल की डिनर टेबल से (भाग - 3) : तैलाख्यान

Girijesh Rao wrote 1 month ago: .. तेल का जैसा प्रयोग आप अपनी धुरखेल पार्टी में देखने के अभ्यस्त हैं, वैसा भाग-जा पार्टी में नहीं हो … more →

Tags: Indian Elections, व्यंग्य,  आँख में धूल,  चन्द्रगुप्त,  चाणक्य,  ज्योतिष,  पूर्णाहुति,  राजमहल,  विज्ञान

राजमहल की डिनर टेबल से (भाग 2) - राजकुमार की शिक्षा

Girijesh Rao wrote 1 month ago: डिनर के बाद जब महारानी मोनियो अगले दिन के विभिन्न अवसरों पर बोलने के लिए लिखी हुई बातों को याद करने, … more →

Tags: Indian Elections, व्यंग्य, कोकशास्त्र, दलदल, पंचतंत्र, बुढ़भसी, मोनियो, राउल

राजनीति में अप्रासंगिक होती मर्यादा - सोमनाथ-अमरसिंह प्रकरण

योगेन्द्र wrote 1 month ago: इस समय समाचार माध्यम एक ताजे खबर की बात कर रहे हैं (देखें समाचारपत्र ‘हिंदुस्तान’, 21 मई) । उनके अन … more →

Tags: निर्वाचन, राजनीति, लोकतंत्र, election, Politics

राजमहल की डिनर टेबल से (भाग - 1)5 comments

Girijesh Rao wrote 1 month ago: प्रारम्भ में ही स्पष्ट कर दूँ कि राजमहल में मेरा कोई आना जाना नहीं है. मैं आप ही की तरह राजमहल के पा … more →

Tags: Indian Elections, चुनाव, व्यंग्य, राउल, स्विटजरलैण्ड, बैंक, काला धन

लोकतंत्र की व्यथाकथा, ग्यारह - निरर्थक अभियान ‘मतदान अवश्य करो’ का1 comment

योगेन्द्र wrote 1 month ago: आगामी लोकसभा के लिए आयोजित करीब एक मास के मतदान कार्यक्रम के बाद अंततः चुनाव प्रक्रिया का अंतिम चरण … more →

Tags: गणतंत्र, जनतंत्र, निर्वाचन, भारत, राजनीति, लोकतंत्र, election, India, अवसरवाद

उल्टी बानी (अंतिम भाग) – चुनाव, एक पर्व एक उत्सव4 comments

Girijesh Rao wrote 2 months ago: (अ)बात उस समय की है जब ए टी एम नए नए लगने प्रारम्भ हुए थे. एक समाचारपत्र में किसी आम व्यक्ति की प्रत … more →

Tags: मतदान, लोकतंत्र, Indian Elections, चुनाव, निर्वाचन, उत्सव, पर्व, मतदाता, महापर्व

लोकतंत्र की व्यथाकथा, नौ - चुनाव बहिष्कार और जूता-फेंक विरोध

योगेन्द्र wrote 2 months ago: अपने देश में इस समय १५वीं लोकसभा के चुनाव हो रहे हैं । मुझे ये चुनाव अन्य वर्षों की तुलना में कई मान … more →

Tags: जनतंत्र, निर्वाचन, भारत, राजनीति, लोकतंत्र, election, India, चुनाव बहिष्कार, जूता फेंक

उल्टी बानी (भाग दो) - अर्थ, अनर्थ, सब व्यर्थ5 comments

Girijesh Rao wrote 2 months ago: यस्यास्ति वित्तं स नरः कुलीनः स पण्डितः स श्रुतवान् गुणज्ञः ।स एव वक्ता स च दर्शनीयः सर्वे गुणाः काञ … more →

Tags: चुनाव, टेक्नॉलॉजी, लोकतंत्र, Indian Elections, करोड़पति, भर्तृहरि, मतदान, षड़यन्त्र

लोकतंत्र की व्यथाकथा, आठ - नकारात्मक मत, कर्मियों को खबर नहीं 4 comments

योगेन्द्र wrote 2 months ago: परसों, यानी १८ अप्रैल के दिन, मतदान का पहला चरण संपन्न हो गया । मेरे शहर के निर्वाचन क्षेत्र में भी … more →

Tags: जनतंत्र, निर्वाचन, भारत, राजनीति, लोकतंत्र, election, India, नकारात्मक मत, पूर्वांचल

उल्टी बानी (भाग एक) - पंचवर्षीय कर्मकाण्ड14 comments

Girijesh Rao wrote 2 months ago: पंचवर्षीय कर्मकाण्ड का प्रथम चरण संपन्न हुआ. ढेर सारे आडम्बर हुए:- अभिनेताओं ने जनता से अपील की – वो … more →

Tags: मतदान, लोकतंत्र, Indian Elections, वोट, दोष दर्शन, पटवारी, बायोमेट्रिक, लेखपाल, षड़यंत्र

लोकतंत्र की व्यथाकथा, सात - भला किसे चुनें प्रतिनिधि, और क्यों ?

योगेन्द्र wrote 2 months ago: आजकल अखबारों और इलेक्ट्रानिक संचार माध्यमों पर दिखाये जा रहे विज्ञापनों तथा परिचर्चाओं आदि के द्वारा … more →

Tags: जनतंत्र, निर्वाचन, भारत, राजनीति, लोकतंत्र, election, प्रतिनिधि, प्रत्याशी, मतदान

लोगों की एक गंभीर भूल : महात्मा गांधी2 comments

अफ़लातून wrote 2 months ago: ” हम एक अरसे से इस बात को मानने के आदी बन गये हैं कि आम जनता को सत्ता या हुकूमत सिर्फ़ धारासभाओ … more →

Tags: Gandhi, Politics, election, गांधी, जनता, लोकतंत्र, संसद, Parliament, People

(लोकतंत्र की व्यथाकथा, छः:) परिवारवाद से उपजे या ऊपर से थोपे गये राजनेता !2 comments

योगेन्द्र wrote 2 months ago: मुझे उन लोगों से ईर्ष्या होती है जो यह मानते हैं कि हमारी डिमॉक्रेसी ‘मैच्योर’ हो रही है, राजनैतिक द … more →

Tags: गणतंत्र, जनतंत्र, भारत, राजनीति, लोकतंत्र, नकारात्मक वोट, बीबीसी, योगेन्द्र यादव, विरासत

चुनावों में अखबारों की गलीज भूमिका27 comments

अफ़लातून wrote 3 months ago: दीवाल  -  लेखन  नहीं , परचे नहीं , नुक्कड़ सभायें पहले से कहीं कम , इसके बावजूद  चुनाव खर्च की ऊपरी स … more →

Tags: capitalism, election, media, Politics, Print Media, Hindustan, Elections, jagran

(लोकतंत्र की व्यथाकथा, पांच:) मतदान करना अधिकार है, बाध्यता नहीं

योगेन्द्र wrote 3 months ago: मैं समाचार माध्यमों पर सुनता आ रहा हूं कि लोगों को मतदान करने का लोकतांत्रिक अधिकार मिला है, जिसका उ … more →

Tags: इंडिया, भारत, लोकतंत्र, जनतंत्र, गणतंत्र, जनप्रतिनिधि, निर्वाचन आयोग, मतदान, election

(लोकतंत्र की व्यथाकथा, चारः) लोकतांत्रिक ढांचा, भावना नहीं5 comments

योगेन्द्र wrote 4 months ago: (१० फरवरी, २००९ की पोस्ट से आगे) लोकतांत्रिक शासन-पद्धति की शुरुआत निःसंदेह मतदान से होती है । हमारे … more →

Tags: भारत, India, लोकतंत्र, जनतंत्र, गणतंत्र, राजनेता, जनप्रतिनिधि, निर्वाचन आयोग, मतदान

(लोकतंत्र की व्यथाकथा, तीन:) जनतंत्र की इतनी तारीफ क्यों?1 comment

योगेन्द्र wrote 4 months ago: (पिछली पोस्ट, १७ जनवरी, के आगे) विगत पोस्टों में मैंने लोकतंत्र (जिसे गणतंत्र, जनतंत्र, और प्रजातंत् … more →

Tags: गणतंत्र, जनतंत्र, भारत, लोकतंत्र, India, आंतरिक लोकतंत्र, नेताजी, प्रजातंत्र, रामराज्य


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