” बत्तीसी संभाल गोरी , उडी चली जाये रे । ” यह बत्तीसी भी कमाल की हैं , कभी यह खो जाती हैं और कभी-२ इनको लगाने वाले इसको निगल तक जाते हैं । अब इन दादी अम्मा को देखिये , उत्साह मे कोई … more →
होम्योपैथी-नई सोच/नई दिशायेंDr Prabhat Tandon wrote 1 year ago: ” बत्तीसी संभाल गोरी , उडी चली जाये रे । ” यह बत्तीसी भी कमाल की हैं , कभी यह खो ज … more →